जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में स्थानीय निकायों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एमआरएफ सेंटरों की स्थिति, सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के संचालन तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटरों की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि जहां कूड़े का अधिक संग्रहण हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए एमआरएफ सेंटर स्थापित किए जाएं। समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 10 एमआरएफ सेंटर निर्मित हैं, जिनमें से 8 संचालित हैं जबकि 2 अभी शुरू नहीं हो सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों को शीघ्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पूरी तरह क्रियाशील रहने चाहिए। साथ ही जसवंतनगर, भरथना और इकदिल में एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर नगरों का निर्माण केवल औपचारिक प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए भागीरथ प्रयास करने होंगे।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एकत्रित कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण एमआरएफ सेंटरों पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कूड़ा रास्ते में न गिराया जाए और न ही यमुना नदी में डंप किया जाए। प्रत्येक वार्ड का कूड़ा सीधे एमआरएफ सेंटर तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छता व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तथा आधुनिक वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, इसलिए संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जहां भी अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप किया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। मैरिज होम एवं अन्य संस्थानों द्वारा खुले में कूड़ा फेंकने की शिकायतों पर संबंधितों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने और कूड़ा उठाने की लागत की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) की प्रभावी वसूली एवं उसके पारदर्शी लेखा-जोखा पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन शौचालयों का संचालन स्थानीय निकाय प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें सुलभ संस्था के माध्यम से संचालित कराया जाए। एसबीआई बैंक के सामने स्थित सार्वजनिक शौचालय की खराब स्थिति पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स को चिन्हित कर उन्हें नोटिस जारी करने तथा नियमों का पालन न करने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को समन्वित एवं समयबद्ध कार्रवाई करते हुए स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल नगरीय व्यवस्था स्थापित करने का आह्वान किया।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, नगर पालिका परिषद इटावा के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा, नगर पालिका परिषद जसवंतनगर के अधिशासी अधिकारी श्याम वचन सरोज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
