ताखा तहसील क्षेत्र के जयसिंहपुरा पटियायत गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पहुंची राजस्व एवं पुलिस टीम ने मंदिर की भूमि की पैमाइश कराकर उसे सुरक्षित कराया तथा परिसर में पड़े अवैध मलबे को हटवा दिया।
जानकारी के अनुसार, जयसिंहपुरा निवासी सुरेश चन्द्र पुत्र गजाधर सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि गाटा संख्या 336 और 337 में स्थित प्राचीन शिव मंदिर की भूमि पर गांव की एक महिला द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायत में कहा गया था कि कब्जे के कारण मंदिर में पूजा-अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है।
ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। बुधवार को एसडीएम श्वेता मिश्रा, क्षेत्राधिकारी भरथना रामदवन मौर्य, तहसीलदार जावेद अंसारी तथा थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राजस्व टीम ने भूमि की पैमाइश कराई और जेसीबी मशीन की सहायता से मेंढ़ बंधवाकर जमीन को सुरक्षित कराया।
बताया गया कि मंदिर के नाम दर्ज भूमि पर पूर्व में कराए जा रहे बाउंड्रीवाल निर्माण के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला भी सामने आया था, जिसके संबंध में संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
विवाद के दौरान यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बना, जब क्षेत्रीय विधायक प्रतिनिधि ध्रुव यादव पर आरोप लगाए गए। बाद में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। प्रशासनिक कार्रवाई और पैमाइश के बाद स्थिति स्पष्ट होने पर मंदिर की भूमि को सुरक्षित कर दिया गया।
तहसीलदार जावेद अंसारी ने बताया कि मंदिर की भूमि की विधिवत पैमाइश कराकर उसे सुरक्षित कर दिया गया है तथा परिसर में पड़ा अवैध मलबा भी हटवा दिया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत व्यक्त करते हुए मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने का स्वागत किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब श्रद्धालु बिना किसी बाधा के मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
