विश्व जनसंख्या सप्ताह के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के स्त्री एवं प्रसूति विभाग द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण एवं परिवार कल्याण विषय पर एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा जनसंख्या नियंत्रण के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय सिंह ने जनसंख्या स्थिरीकरण को स्वस्थ, शिक्षित एवं समृद्ध समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि संतुलित जनसंख्या ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा छोटे परिवार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. अजय सिंह ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज की सक्रिय सहभागिता और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनजागरूकता को समय की आवश्यकता बताते हुए लोगों से परिवार कल्याण कार्यक्रमों में सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति विभागाध्यक्षडॉ. कल्पना कुमारी ने परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों, प्रजनन स्वास्थ्य और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और जागरूकता के माध्यम से ही परिवार नियोजन कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जा सकता है।
गोष्ठी का सफल संचालन परिवार नियोजन नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) प्रगति द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
विश्व जनसंख्या सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह गोष्ठी समाज में परिवार कल्याण एवं जनसंख्या नियंत्रण के प्रति सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण साबित हुई।
