राष्ट्रवादी स्वर : राष्ट्रकवि रामदास वर्मा निर्मोही

Share This
राष्ट्र यज्ञ में सैनिक वन , प्राणों की आहुति डालेगें।
स्वतंत्रता हित विश्व युद्ध में, सावरकर व्रत पालेंगे।।
यह कोई और नही राष्ट्रकवि “बल्लभ” जी के अकेले एक मात्र शिष्य राष्ट्र कवि रामदास वर्मा ” निर्मोही” है जो कांग्रेस के रास्ते जुड़कर देश की आजादी के लिए प्राणों की चिन्ता ना करते हुए तन – मन व धन से सदैव स्वतंत्रता की अलख जगाते हुए रेल की पटरियों को उखाड़ना , बिजली के तारों को काटना , असहयोग आन्दोलन व विदेशी कपड़ों की होली जलाने के साथ साथ होली को जलवाना तथा अन्य त्योहारों मे सहयोगआदि कार्यक्रमों में मुख्य भूमिका निभाते हुए अपनी ओजस्वी वाणी द्वारा राष्ट्र की स्वतंत्रता  में अपनी कविताओं के माध्यम से देश भर मे जोश पैदा भी करते थे।
  ” निर्मोही ” जी के भतीजे प्रमुख समाज सेवी “हरीशंकर पटेल” उप्र की महामहिम राज्यपाल माननीय आनन्दीबेन पटेल जी द्वारा सम्मानित के अनुसार ” निर्मोही ” जी का जन्म सन् 1910 मे हुआ तथा मृत्यु सन् 1946 के अन्त मे हुयी थी आपके पूज्यनीय पिता का नाम  स्व॰ श्री वंशीधर था।
आपकी प्रखर बुद्धि थी, आपको बचपन से पहलवानी के शौखीन थे , अच्छे पहलवानों मे गिनती थी आप कद काठीं से हुस्ट-पुष्ट थे आपकी लम्बाई 6 फुट 8 इंच थी, आप जगदीश विजय नाटक क्लब , पुरविया टोला , इटावा के प्रमुख कलाकारो में से एक थे , आपकी बुलन्द आवाज थी , आप जब तेज बोलते थे लगभग एक किलोमीटर से अधिक दूर तक सुनायी देता था। फिल्म अभिनेता पृथ्वी राजकपूर जी फिल्मों से पहले परसियन स्टाइल के नाटक कम्पनी बना कर खेलते थे , आपने भी आपके साथ नाटक खेला था। आपको राष्ट्र भक्ति का शौक होने के कारण उनके बार बार बुलाने पर भी मना कर दिया ।
 ” निर्मोही ” जी को सन् 1946 में हिन्दू राष्ट्रपति वीर सावरकर जी ने अखण्ड भारत परिषद के अवसर पर हिन्दू राष्ट्र कवि की उपाधि प्रदान करते हुए स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया यह उल्लेख इटावा जनपद के हजार साल की पुस्तक मे है। आपके घर पर वीर सावरकर जी भी आते थे , जो क्रान्तिकारी इटावा से होकर निकलते थे उनकी रुकने खाने तथा आगे के मार्ग की जानकारी आदि आप गोपनीय रखते हुए आगे का मार्ग तथा उनके साथ कई बार तो स्वयं चले जाते थे , लेकिन यह कोट वर्ड के साथ कार्य होता था इतना ही नही आप अपने घर में तथा मुहल्ले की बगियों मे रुकवाया करते थे लोगों को मालूम नही पड़ने देते थे कि आप कौन है।
  राष्ट्रकवि नीरज गोपाल जी ” निर्मोही” जी के शिष्य थे , वह ” निर्मोही ” जी के घर अक्सर आते जाते थे। न्यायमूर्ति श्री प्रेमशंकर गुप्त जी ने ‘ बल्लभ ‘ स्मृति ग्रन्थ , शिशु स्मारक समिति , इटावा मे ” निर्मोही ” जी की तारीफ करते हुए लेख लिखा है ।”इटावा के हजार साल” नामक पुस्तक में स्वतंत्रता सैनानी बताते हुए आपकी कविता भी लिखी है।
Share This
Ashish Bajpai
Ashish Bajpaihttps://etawahlive.com/
Content Writer, Call-7017070200, 9412182324, Email-cimtindia@gmail.com, बस एक क्लिक में जाने अपने इटावा को।
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

आस्था का केन्द्र है ‘‘प्राचीन शिव मन्दिर रमायन (भरथना)‘‘

भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- इस सृष्टि के आदि देव, देवों के देव महादेव को शिवशंकर, भोलेनाथ और भूतनाथ आदि अनेक नामों से जिन्हें...

शिक्षाविद

इटावा में शिक्षा को संस्कार और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ा रहे शिखर चतुर्वेदी

इटावा की धरती ने सदैव ऐसे प्रेरक व्यक्तित्व दिए हैं जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति और समाज को नई दिशा दी। इन्हीं में एक नाम है...

राजनीतिज्ञ

लक्ष्मण स्वरूप अग्रवाल : एक समाजसेवी एवं राजनीतिज्ञ का अद्भुत सफर

लक्ष्मण स्वरूप अग्रवाल, एक प्रख्यात एडवोकेट एवं राजनीतिज्ञ हैं, जो अपने कार्यों और सामाजिक योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। इटावा भारतीय जनता पार्टी इटावा...

प्रशासनिक अधिकारी

संकट प्रबंधन में माहिर SSP इटावा ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव (IPS)

ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव भारतीय पुलिस सेवा के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपनी लगन, मेहनत और ईमानदारी से सेवा में विशेष पहचान...

प्रमुख संस्थान

आयुर्वेदिक चिकित्सा का सबसे विश्सनीय केंद्र पतंजलि चिकित्सालय, हर्षनगर, इटावा

पतंजलि चिकित्सालय, इटावा में सबसे पुराना और विश्वनीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। इस चिकित्सालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद के माध्यम से...

चिकित्सक

डॉ. आशीष दीक्षित: इटावा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्त्ता

इटावा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अशोक दीक्षित के पुत्र डॉ. आशीष दीक्षित भी एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक हैं, उनकी प्राथमिक शिक्षा कानपुर से...

चर्चित व्यक्तिव

राजनीति, कर्मचारी आंदोलन और शिक्षा, हरि किशोर तिवारी की बहुआयामी पहचान

इंजीनियर हरि किशोर तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन, राजनीति और शिक्षा जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से...

पत्रकार

इटावा में ढाई दशक से ब्रेकिंग न्यूज़ की दुनिया में जनता का सबसे विश्वसनीय नाम दिनेश शाक्य

इटावा की पत्रकारिता का इतिहास सदैव समृद्ध और गौरवशाली रहा है। इस भूमि ने अनेक ऐसे पत्रकार दिए जिन्होंने सत्य, जनहित और निष्पक्षता को...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

उर्मिला शाक्य: “द लेडी कैफे” की प्रबंधक एवं ब्यूटी वेलनेस सेवाओं की अग्रणी विशेषज्ञ

उर्मिला शाक्य इटावा के बेहतरीन ब्यूटी सलून "The Lady Cafe- Makeup Studio, Salon and Academy"  की प्रबंधक हैं। वह ब्यूटी और वेलनेस सेवाओं में...

समाजसेवी

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

पूर्व अधिकारी

प्रणता ऐश्वर्या (IAS): एक समर्पित और न्यायप्रिय प्रशासनिक अधिकारी

प्रणता ऐश्वर्या (IAS): एक समर्पित और न्यायप्रिय प्रशासनिक अधिकारी प्रणता ऐश्वर्या 2019 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, और इटावा में मुख्य विकास अधिकारी के पद...