अभिनव रंजन श्रीवास्तव एक प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी और कुशल टीम प्रबंधक

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उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में अपनी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले इटावा के अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीसीएस)-2012 की परीक्षा में टॉप कर न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी साबित किया कि समर्पण और सही दिशा में मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:

अभिनव रंजन श्रीवास्तव का जन्म 2 जनवरी, 1990 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के ग्राम बयासी में हुआ। बचपन से ही मेधावी रहे अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूलों से प्राप्त की, एवं उच्च शिक्षा में बीटेक की उपाधि हासिल की। अपनी प्रतिभा और लगन के बल पर उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त की।

पीसीएस परीक्षा में सफलता:

मात्र 23 वर्ष की उम्र में, अपने पहले प्रयास में वर्ष 2012 में अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीसीएस) की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी और उन्होंने यह सफलता अपने पहले प्रयास में ही हासिल की।

सरकारी सेवा में योगदान:

पीसीएस-2012 में सफलता के बाद, अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने 9 सितंबर, 2014 को उत्तर प्रदेश शासन में पीसीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं की शुरुआत की। उन्होंने विभिन्न जिलों में उपजिलाधिकारी के पद पर कार्य किया, जिनमें देवरिया, संत कबीर नगर, फतेहपुर और लखनऊ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वे गोरखपुर में सिटी मजिस्ट्रेट और प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी में विशेष कार्याधिकारी भी रहे।

इटावा में अपर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी:

अभिनव रंजन श्रीवास्तव 22 जून, 2023 से जनपद इटावा में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पद पर कार्यरत हैं। अभिनव रंजन श्रीवास्तव का नाम इटावा में उनकी अद्वितीय प्रशासनिक कौशल के लिए लिया जाता है। वह जिले के वित्तीय और राजस्व संबंधी मामलों को कुशलतापूर्वक संभाल रहे हैं। उनकी प्रशासनिक योग्यता और दूरदर्शिता उन्हें एक प्रभावशाली अधिकारी बनाती है।

डिजिटल तकनीक में महारथ:

अभिनव रंजन श्रीवास्तव सिर्फ एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक में महारथी भी हैं। वर्तमान समय में प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तकनीकी कौशल अत्यंत आवश्यक हो गया है, उन्होंने अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग न केवल अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के लिए किया, बल्कि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, तेज और जनहितैषी बनाने में भी योगदान दिया। उनकी कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक में महारथ ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाया, उनकी यह दक्षता उन्हें एक आधुनिक, दूरदर्शी और प्रभावी अधिकारी के रूप में स्थापित करती है।

 त्वरित निर्णय लेने की क्षमता:

अभिनव रंजन श्रीवास्तव एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जिन गुणों के लिए पहचाने जाते हैं, उनमें से एक महत्वपूर्ण गुण है उनका त्वरित निर्णय लेने की क्षमता। प्रशासनिक सेवा में, खासकर जब जटिल परिस्थितियां और तात्कालिक निर्णयों की आवश्यकता होती है, उनका निर्णय लेने का तरीका अत्यंत प्रभावी और सफल साबित होता है। उनके त्वरित निर्णयों ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज किया, बल्कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाने में भी मदद की।

उत्कृष्ट टीम नेतृत्व और अधीनस्थों की क्षमता आंकने में निपुण:

अभिनव रंजन श्रीवास्तव एक ऐसे प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो न केवल अपने काम में निपुणता दिखाते हैं, बल्कि अपनी टीम के नेतृत्व और अधीनस्थों की क्षमता पहचानने में भी कुशल हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता का सबसे बड़ा पहलू यह है कि वह हर एक टीम सदस्य के भीतर छिपी प्रतिभा और योग्यता को पहचानने में सक्षम हैं। उनके इस गुण के कारण उनकी टीम हमेशा उच्च प्रदर्शन करने में सफल रही है।

उनकी नेतृत्व शैली में पारदर्शिता और सहयोग का अद्भुत मेल है। वह अपने अधीनस्थों को सिर्फ निर्देश देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें अपने कार्यों के प्रति प्रेरित करते हैं। उनके लिए टीम का प्रत्येक सदस्य महत्वपूर्ण है, और वह यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी को उनकी क्षमता और कौशल के अनुसार काम दिया जाए। जब भी किसी सदस्य को मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, वह तुरंत उसकी सहायता करते हैं। उनकी इस विशेषता से पूरी टीम का मनोबल ऊँचा रहता है।

लोकसभा चुनाव में उत्कृष्ट कार्य:

अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने जनपद के उप-जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में लोकसभा चुनाव को सफलतापूर्वक संचालित कर अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। उनकी यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक व्यवस्था के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह दर्शाती है कि ईमानदार और मेहनती अधिकारी समाज और देश के लिए कितने मूल्यवान हैं। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें एक कुशल अधिकारी और समाज के लिए एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है।

मतदाता पुनरीक्षण का सफल क्रियान्वयन

2024 के मतदाता पुनरीक्षण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने का श्रेय अभिनव रंजन श्रीवास्तव को जाता है। उनके नेतृत्व में इस प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। 2025 में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें उनके कुशल निर्देशन के कारण मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन का कार्य प्रभावी ढंग से हो रहा है। उनका ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या त्रुटि से बचा जा सके।

नगर निकाय प्रभारी के रूप में जनहितकारी निर्णय

नगर निकाय के प्रभारी अधिकारी के रूप में उन्होंनेने कई ऐसे निर्णय लिए, जिन्होंने आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्राथमिकता हमेशा जनहितकारी रही है, और उनके द्वारा लिए गए निर्णयों ने यह साबित किया है।

राशन वितरण व्यवस्था में सुधार

राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए उन्होंने कई औचक निरीक्षण किए। इन निरीक्षणों के दौरान उन्होंने उन प्रक्रियाओं को चिह्नित किया, जहां सुधार की आवश्यकता थी। उनके निर्देशों के तहत वितरण प्रणाली को पारदर्शी और कुशल बनाया गया, जिससे जनता को उचित मात्रा में और समय पर राशन उपलब्ध हो सके।

नकली दवाओं की फैक्ट्रियों पर कार्रवाई

अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने नकली दवाइयों की फैक्ट्रियों पर छापा मारकर उन्हें सील करवाया। इस कार्रवाई ने न केवल जनस्वास्थ्य की रक्षा की, बल्कि उन लोगों के खिलाफ भी सख्त संदेश भेजा जो इस प्रकार के अवैध और खतरनाक कार्यों में लिप्त थे। इसके साथ ही उन्होंने सुनिश्चित किया कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही समय पर हो।

कांशीराम कॉलोनी में अपात्रों की पहचान

कांशीराम कॉलोनी का औचक निरीक्षण करते हुए उन्होंने अपात्र व्यक्तियों की पहचान की करायी और उन्हें कॉलोनी से बाहर करवाया। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि केवल पात्र लोगों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।

गौशाला प्रबंधन में सुधार

गौशालाओं का नियमित निरिक्षण सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने एक प्रभावी व्यवस्था लागू की एवं जनपद की प्रत्येक गौशाला का सप्ताह में प्रतिदिन किसी न किसी उच्च अधिकारी द्वारा निरिक्षण किये जाने हेतु आदेशित किया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि मृत गौवंशों के जीवाश्मों का उचित और सम्मानजनक निस्तारण हो। इस पहल ने न केवल गौशाला प्रबंधन को बेहतर बनाया, बल्कि जनता के बीच प्रशासन की संवेदनशीलता को भी उजागर किया।

सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पारदर्शिता

सब रजिस्ट्रार कार्यालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने भू क्रय-विक्रय प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके प्रयासों का उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को बिना किसी परेशानी के भूमि के क्रय विक्रय संबंधी कार्यो को पूरा करने का अवसर मिले। यह कदम प्रशासन के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत करने वाला साबित हुआ।

ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत

विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के उद्देश्य से अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने जनपद इटावा में ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई। इस प्रणाली ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर कामकाज को सरल और समयबद्ध बना दिया।

अपर जिलाधिकारी इटावा अभिनव रंजन श्रीवास्तव से आप प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक इटावा कलेक्टरेट स्थित कार्यालय में मिल सकते है। उनका सीयूजी मो 9454417622, 05688-257186 एवं ईमेल आईडी – adeo-etw@up.nic.in है।

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Ashish Bajpai
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