इटावा में ढाई दशक से ब्रेकिंग न्यूज़ की दुनिया में जनता का सबसे विश्वसनीय नाम दिनेश शाक्य

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इटावा की पत्रकारिता का इतिहास सदैव समृद्ध और गौरवशाली रहा है। इस भूमि ने अनेक ऐसे पत्रकार दिए जिन्होंने सत्य, जनहित और निष्पक्षता को अपनी पत्रकारिता का मूल आधार बनाया। इन्हीं प्रतिष्ठित नामों में वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शाक्य का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। पिछले ढाई दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय दिनेश शाक्य ने अपनी मेहनत, साहस और जनपक्षधर सोच के बल पर न केवल इटावा बल्कि प्रदेश और देश की पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान स्थापित की है।

वर्तमान में न्यूज़ 18 उत्तर प्रदेश में इटावा और औरैया के जिला संबाददाता दिनेश शाक्य के लिए इटावा के एक साधारण परिवेश से निकलकर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। बचपन से ही सामाजिक मुद्दों, जनसमस्याओं और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी गहरी रुचि रही। यही रुचि आगे चलकर उनके जीवन का उद्देश्य बनी और उन्होंने पत्रकारिता को अपने करियर के रूप में चुना।

वर्ष 2002 के आसपास जब देश में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तेजी से विस्तार कर रहा था और समाचार चैनलों का प्रभाव बढ़ रहा था, उसी दौर में दिनेश शाक्य ने प्रिंट मीडिया से निकलकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की दुनिया में कदम रखा। उस समय किसी ने कल्पना नहीं की थी कि यह युवा पत्रकार आने वाले वर्षों में इटावा की जनता के लिए सबसे भरोसेमंद पत्रकारों में गिना जाएगा।

पत्रकारिता के शुरुआती दौर में उन्होंने साप्ताहिक ‘चौथी दुनिया’, मासिक पत्रिका ‘हलचल’ तथा दिल्ली प्रेस पत्र-प्रकाशन लिमिटेड की विभिन्न पत्रिकाओं के लिए लेखन कार्य किया। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और जमीनी मुद्दों की स्पष्ट झलक दिखाई देती थी। इसी दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया (यूएनआई) के साथ भी लंबे समय तक कार्य किया और पत्रकारिता के विभिन्न आयामों को निकटता से समझा।

वर्ष 2003 उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ जब वे सहारा समूह के प्रतिष्ठित टेलीविजन न्यूज़ चैनल ‘सहारा समय’ से जुड़े। यह वह दौर था जब क्षेत्रीय पत्रकारिता में टीवी मीडिया अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा था। दिनेश शाक्य ने अपनी मेहनत और जमीनी पकड़ के दम पर बहुत जल्द एक प्रभावशाली रिपोर्टर के रूप में पहचान बना ली।

सहारा समय के साथ काम करते हुए उन्होंने हजारों ऐसी खबरें रिपोर्ट कीं जिनका सीधा संबंध आम जनता की समस्याओं और जनहित से था। उन्होंने हमेशा सत्ता और प्रशासन के सामने जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी रहा।

दिनेश शाक्य की सबसे बड़ी विशेषता उनकी जमीनी पत्रकारिता रही है। वे उन पत्रकारों में शामिल रहे जिन्होंने एयरकंडीशन दफ्तरों से नहीं बल्कि गांवों, कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों से पत्रकारिता की। इटावा और आसपास के क्षेत्रों की समस्याओं को उन्होंने लगातार प्रमुखता से उठाया और आम लोगों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया।

उनकी पत्रकारिता का सबसे साहसिक अध्याय चंबल के बीहड़ों से जुड़ा हुआ है। उन्हें चंबल के बीहड़ों में पहुंचकर रिपोर्टिंग करने वाले पहले टीवी पत्रकारों में गिना जाता है। उस समय जब बीहड़ डकैतों की गतिविधियों के कारण बेहद संवेदनशील और खतरनाक माने जाते थे, तब दिनेश शाक्य ने अपनी जान जोखिम में डालकर वहां की वास्तविक तस्वीर देश-दुनिया के सामने रखी।

चंबल के जिन इलाकों में जाने से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस के जवान तक कतराते थे, वहां पहुंचकर उन्होंने कई कुख्यात दस्यु सरगनाओं के साक्षात्कार किए। उनकी इन विशेष रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा प्राप्त की और उन्हें एक साहसी पत्रकार के रूप में पहचान दिलाई।

दस्यु सरगनाओं तक पहुंचना और उन्हें कैमरे के सामने लाना उस समय अत्यंत कठिन कार्य माना जाता था। मीडिया से दूरी बनाए रखने वाले कई दस्यु नेताओं को उन्होंने पहली बार टेलीविजन स्क्रीन पर देश के सामने प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि उनकी पेशेवर क्षमता, साहस और विश्वसनीयता का प्रमाण थी।

वर्ष 2007 में उन्होंने एक और महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्ट के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। चंबल नदी में दुर्लभ प्रजाति के घड़ियालों की रहस्यमय मौतों के मामले को उन्होंने प्रमुखता से उठाया। उनकी रिपोर्टिंग ने पूरे देश का ध्यान इस गंभीर पर्यावरणीय संकट की ओर आकर्षित किया और वन विभाग को जवाबदेही के कटघरे में खड़ा कर दिया।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रही। वे विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के साथ जुड़कर पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य करते रहे हैं। समाज और प्रकृति के प्रति उनकी यह प्रतिबद्धता उन्हें केवल पत्रकार नहीं बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक कार्यकर्ता भी बनाती है।

पत्रकारिता के लंबे सफर में दिनेश शाक्य ने कभी अपनी विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि इटावा में ब्रेकिंग न्यूज़ और जमीनी खबरों के मामले में जनता ने अब तक उन पर भरोसा कायम रखा। उन्होंने अपनी मेहनत, ईमानदारी और निष्पक्षता के बल पर वह विश्वास अर्जित किया जो किसी भी पत्रकार की सबसे बड़ी पूंजी होती है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान केवल समाचारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का कार्य किया है और यह साबित किया है कि संसाधनों की कमी के बावजूद यदि व्यक्ति में लगन, साहस और प्रतिबद्धता हो तो वह अपने क्षेत्र में असाधारण पहचान बना सकता है।

आज दिनेश शाक्य का नाम इटावा की पत्रकारिता में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में लिया जाता है जिसने जनहित को हमेशा सर्वोपरि रखा, सत्ता से सवाल पूछे, समाज की आवाज को मंच दिया और पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम माना। उनका मानना है की पत्रकारिता का आधार केवल खबर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी होती है।

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Ashish Bajpai
Ashish Bajpaihttps://etawahlive.com/
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