समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र दोहरे ने सोमवार को संसद भवन से जंतर-मंतर तक पार्टी के अन्य सांसदों के साथ पैदल मार्च कर युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने बेरोज़गारी, शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा युवाओं के सम्मानजनक भविष्य से जुड़े विषयों पर अपनी आवाज़ बुलंद की।

सांसद जितेंद्र दोहरे ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में जब-जब युवाओं के भविष्य, उनके अधिकारों और उनकी उम्मीदों को अनदेखा करने का प्रयास हुआ है, तब-तब लोकतांत्रिक संघर्षों ने परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा भी उसी संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने कहा कि यह मार्च केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए लोकतांत्रिक संकल्प का प्रतीक है। देश का युवा अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि उसे रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष अवसरों की आवश्यकता है।
जितेंद्र दोहरे ने कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और समाजवादी पार्टी संसद से लेकर सड़क तक उनके अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी। इस दौरान पार्टी के कई सांसद और कार्यकर्ता भी पदयात्रा में शामिल रहे।
