जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (दर्पण पोर्टल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जून 2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों के आधार पर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में जनपद की रैंक 70 होना चिंता का विषय है। उन्होंने सभी विभागों को अपने-अपने इंडिकेटरों में सुधार लाते हुए इटावा को प्रदेश के शीर्ष-10 जनपदों में शामिल कराने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में फैमिली आईडी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परिवारों की फैमिली आईडी बनी होगी, उन्हीं के राशन कार्ड बनाए जाएंगे। इसलिए सभी पात्र परिवारों की फैमिली आईडी प्राथमिकता के आधार पर तैयार की जाए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को पंचायत सहायकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में इटावा के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जानकारी दी गई। सोलर स्ट्रीट लाइट (ग्राम उन्नति), एकीकृत बागवानी विकास मिशन, खराब ट्रांसफार्मर शिकायत निस्तारण, पीएम कुसुम योजना, अंडा उत्पादन, मत्स्य संपदा योजना एवं स्टेट स्किल डेवलपमेंट में जनपद को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए तथा इन योजनाओं में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया गया। वहीं भवन निर्माण में दूसरे स्थान, 102 एम्बुलेंस सेवा में छठे स्थान तथा अन्य कई योजनाओं में भी संतोषजनक प्रदर्शन दर्ज किया गया।
हालांकि कुछ योजनाओं में खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। जननी सुरक्षा योजना में जनपद को मात्र 2 अंक प्राप्त हुए और रैंक 72/75 रही। आईसीडीएस पोषण योजना, सेतु निर्माण, फैमिली आईडी और दैनिक विद्युत आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में भी अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दैनिक विद्युत आपूर्ति की खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फील्ड स्टाफ को सक्रिय कर नियमित सर्वे एवं मॉनिटरिंग कराने तथा आपूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत लाइनों के आसपास पेड़ों की समयबद्ध छंटाई कराने पर भी जोर दिया, जिससे आपूर्ति बाधित न हो।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि योजना के विभिन्न मानकों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। संबंधित अधिकारी कमजोर बिंदुओं की पहचान कर लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें, ताकि आगामी समीक्षा में बेहतर परिणाम सामने आएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन योजनाओं में जनपद की रैंकिंग कमजोर है, उनमें विशेष प्रयास कर सुधार लाया जाए। सभी विभाग नियमित समीक्षा करें और लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि आगामी मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा में इटावा प्रदेश के शीर्ष-10 जनपदों में अपना स्थान बना सके।
बैठक में उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडेय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द् जिला विकास अधिकारीराकेश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र सिंह जिला समाज कल्याण अधिकारीसंध्या रानी बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, परियोजना अधिकारी यूपीनेडा प्रिया शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
