इटावा। पॉलिथीन जैसे पदार्थों का हमारे जीवन में उपयोग जितना बढ़ा है, उतना ही इसका पर्यावरण और स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। पॉलिथीन के विघटन में सैकड़ों साल लगते हैं, जिससे यह मिट्टी और जल स्रोतों को प्रदूषित करता है और जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा बनता है। इसी मुद्दे को लेकर स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के ब्रांड एम्बेसडर और अपना दल (एस) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. हरीशंकर पटेल ने इटावा के नगर पालिका परिषद और अखिल भारतीय समाज उत्थान न्यास/समिति के सहयोग से प्रदर्शनी महोत्सव में दुकानदारों और ग्राहकों को जागरूक किया। इस अभियान के दौरान मुफ्त थैलों का वितरण किया गया।

डॉ. हरीशंकर पटेल, जिन्हें महामहिम राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह से बंद करना जरूरी है। उन्होंने कहा, “पॉलिथीन पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा है। इसका स्थान लेने के लिए कपड़े और जूट के थैले सबसे अच्छे विकल्प हैं।”

कार्यक्रम में कुलदीप सक्सेना (स० अ०) ने बताया कि पॉलिथीन के कारण मिट्टी बंजर हो जाती है। उन्होंने समझाया कि यह पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ने का मुख्य कारण बन रहा है। वहीं, मंजूलता राजपूत (प्र० अ०) ने पॉलिथीन में मौजूद रसायनों के खाद्य पदार्थों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला।

इंजीनियर राजेश वर्मा (सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता) ने बताया कि पॉलिथीन नालियों को जाम कर देती है और जल के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करती है। इसके कारण शहरों में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ रही है। वहीं, रमेशचंद्र (प्रधानाध्यापक) ने कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग पर जोर दिया।कार्यक्रम में अशोक यादव (प्रा० अ०) और अनिल राजपूत (प्र० अ०) ने पेपर बैग को एक अच्छा विकल्प बताया। राजेश सिंह और अशोक राजपूत (प्रधानाध्यापक) ने सयुक्त रूप से आम जनता को समझाया कि खरीदारी के समय कपड़े या जूट के थैले का उपयोग करना आवश्यक है।

संजीव शाक्य (स० अ०) ने अपील की कि लोग अपने परिवार और दोस्तों को पॉलिथीन के नुकसान के बारे में बताएं और उन्हें इसके उपयोग को बंद करने के लिए प्रेरित करें।इस जागरूकता अभियान में नगर पालिका परिषद, इटावा के सफाई नायक रजनीश राठौर और उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा। यह कार्यक्रम पॉलिथीन मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
