इटावा। कड़ाके की ठंड के साथ पिछले 24 घंटे से जिले में धुंध और कोहरा छाया हुआ है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे, फर्रुखाबाद हाईवे और मैनपुरी हाईवे पर सड़क सुरक्षा के नियमों की अवहेलना के कारण हादसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। कोहरे के कारण सड़क दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

हाईवे पर कई बार एक ही स्थानों पर हादसे हो चुके हैं, बावजूद इसके सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी सफेद पट्टी, रेडियम, पीली पट्टी, साइन बोर्ड और चेतावनी बोर्ड गायब हैं। ये महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय सड़क पर नहीं होने के कारण वाहन चालकों को समस्या हो रही है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुरक्षा उपायों को लेकर निर्देश दिए जाते हैं। बैठक में यह दावा किया जाता है कि सभी कार्य जल्द पूरे कर लिए जाएंगे, लेकिन बैठक के बाद इन निर्देशों का पालन नहीं हो पाता। इससे साफ है कि जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

अमर उजाला की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि सड़क सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पालन कहीं नहीं हो रहा है। सड़क पर आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी सुविधाओं की कमी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। इस लापरवाही से वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सड़क सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और हाईवे पर सुरक्षा उपायों को सही तरीके से लागू किया जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।
