शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण, योग, आध्यात्म एवं राष्ट्रहित में उल्लेखनीय योगदान के लिए इटावा के शिक्षाविद एवं पूर्व भारतीय इंडोर क्रिकेट कप्तान डॉ. विवेक यादव को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘भारत गौरव अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 10 जून 2026 को विक्टोरियन पार्लियामेंट, मेलबर्न में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
डॉ. विवेक यादव ने इस सम्मान को अपने माता-पिता के आशीर्वाद, ईश्वर की कृपा तथा अपने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के समर्पित सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि सर मदनलाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (SMGI), दिल्ली पब्लिक स्कूल इटावा, संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल इटावा एवं भिंड के प्रत्येक सदस्य तथा इटावा की उस मिट्टी का सम्मान है जिसने उन्हें पहचान दी।
सम्मान समारोह में विक्टोरिया सरकार के पर्यटन मंत्री स्टीव डिमोपुलोस, विक्टोरियन मल्टीकल्चरल कमीशन की चेयरपर्सन विवियन न्गुयेन, मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज तथा पंडित सुरेश मिश्रा की उपस्थिति रही। उनके करकमलों से डॉ. यादव को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में पद्म भूषण एवं पद्म श्री से सम्मानित दिवंगत विज्ञापन विशेषज्ञ पीयूष पांडेय, प्रख्यात शास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष, सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य, महाराष्ट्र की प्रथम महिला एवं शास्त्रीय कलाकार अमृता फडणवीस, विक्टोरिया की पूर्व सांसद कौशलिया वाघेला, भारतीय मूल के पहले मेयर प्रदीप तिवारी समेत अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।
डॉ. विवेक यादव ने कहा कि वर्ष 2002 से 2006 तक भारतीय इंडोर क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने से लेकर आज शिक्षा के माध्यम से 10 हजार से अधिक बच्चों के भविष्य निर्माण तक की यात्रा समाज और राष्ट्र की सेवा के संकल्प से प्रेरित रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक समर्पण के साथ शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा देगा।
‘भारत गौरव अवार्ड 2026’ से सम्मानित होने वाली विभूतियों में विभिन्न क्षेत्रों के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल रहे। इस उपलब्धि से इटावा जनपद और शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है तथा विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों ने डॉ. विवेक यादव को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
