उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई प्रशासन ने सोशल मीडिया पर रेडियोलॉजी विभाग की एक्स-रे सुविधा एवं एक्स-रे फिल्म की उपलब्धता को लेकर प्रसारित की जा रही खबरों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुपर स्पेशियलिटी भवन में एक्स-रे सेवाएं पूरी तरह से सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सोशल मीडिया पर जिस एक्स-रे कक्ष की तस्वीर साझा की गई है, वह एक अतिरिक्त (स्टैंडबाय) एक्स-रे कक्ष है, जिसका उपयोग केवल आपातकालीन परिस्थितियों या मरीजों की संख्या अधिक होने पर किया जाता है। नियमित रूप से एक्स-रे जांच की सुविधा सुपर स्पेशियलिटी भवन के रेडियोलॉजी विभाग के कक्ष संख्या-68 में 24 घंटे उपलब्ध है।
प्रशासन ने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग में एक्स-रे के अलावा एमआरआई, सीटी स्कैन और मैमोग्राफी जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी लगातार संचालित की जा रही हैं। विभाग में एक्स-रे फिल्म सहित सभी आवश्यक उपभोग्य सामग्री और उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।
यूपीयूएमएस ने सोशल मीडिया पर एक्स-रे फिल्म समाप्त होने और सेवा बंद होने के दावों को पूरी तरह निराधार बताया है। विश्वविद्यालय के अनुसार जिस दिन एक्स-रे सेवा बंद होने का दावा किया गया, उसी दिन विभाग में 53 मरीजों की एक्स-रे जांच सफलतापूर्वक की गई थी, जिसका रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध है। यह तथ्य स्वयं प्रमाणित करता है कि सेवाएं नियमित रूप से जारी थीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट एवं भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें तथा विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें। प्रशासन ने कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
