इटावा, 30 मई 2026। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि पोषण ट्रैकर पर फेस कैप्चर एवं ई-केवाईसी (एफआरएस) की प्रगति 96.95 प्रतिशत है। चकरनगर क्षेत्र में 501 लाभार्थियों का कार्य लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों का फेस कैप्चर एवं ई-केवाईसी नहीं होगा, उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि पोषण ट्रैकर पर गर्भवती महिलाओं के वजन एवं चार पूर्व प्रसव जांच (एएनसी) का लक्ष्य 1082 है। उन्होंने सभी पात्र महिलाओं को योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने पर जोर दिया। आभा आईडी निर्माण की प्रगति मात्र 46.64 प्रतिशत पाए जाने पर उन्होंने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए शेष लाभार्थियों की आईडी शीघ्र बनवाने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की अपार आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
पोषण ट्रैकर पर मॉनिटरिंग एफिशिएंसी 97.98 प्रतिशत तथा गृह भ्रमण प्रगति रिपोर्ट 96.35 प्रतिशत दर्ज की गई। सीबीई एवं वीएचएसएनडी कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सीबीई के सभी 1564 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि वीएचएसएनडी के 1485 सत्रों के सापेक्ष 1350 सत्र ही आयोजित हुए हैं। बढ़पुर में 50 तथा ताखा में 33 सत्र आयोजित न होने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए शत-प्रतिशत आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुपोषित बच्चों की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल माह में चिन्हित 442 सैम बच्चों में से 323 बच्चों को मैम श्रेणी में लाया गया है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि सैम बच्चों को मैम तथा मैम बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखे जाएं।
एनआरसी में सैम बच्चों की संख्या 47 होने पर उन्होंने अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने पर बल दिया। मई माह में चकरनगर क्षेत्र से कोई भी बच्चा एनआरसी में भर्ती न होने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आवेदन भरवाकर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लंबित आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनवाने को कहा।
मिशन पंजीकरण अभियान के तहत जन्म प्रमाण पत्र के 1466 लंबित प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने इन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। आरबीएसके टीमों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हो सके।
