जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में राजस्व स्टाफ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजस्व मामलों की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की स्थिति पर विस्तार से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वादों का निस्तारण निर्धारित मानकों और समय-सीमा के अनुरूप किया जाए। उन्होंने मासिक प्रगति विवरण प्रस्तुत करने के साथ अर्जेंट एवं सामान्य नकल प्रार्थना पत्रों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों को “रोज का रोज” निपटाने की कार्यप्रणाली अपनाई जाए।

बैठक में बताया गया कि विभिन्न न्यायालयों, राजस्व परिषद एवं आयुक्त कानपुर मंडल से प्राप्त पत्रावलियों में वर्तमान में 90 प्रकरण लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इनका शीघ्र निस्तारण करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्णयित पत्रावलियों को समय से प्रस्तुत करने को कहा।

सरफेसी एक्ट की धारा 14 के अंतर्गत मामलों, भूमि आवंटन, विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता तथा राजस्व संहिता की धारा 96 से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि समयबद्ध कार्य से सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग में सुधार होगा।

उन्होंने भू-माफिया एवं अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के 98 लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
भू-अभिलेख अधिष्ठान की समीक्षा के दौरान लोकायुक्त एवं अन्य आयोगों से प्राप्त 18 लंबित शिकायतों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए। वहीं सार्वजनिक सेवायानों से संबंधित दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रियल जांच, ठेकेदारी कार्य हेतु 293 लंबित चरित्र प्रमाण पत्रों तथा सेवायोजन के लिए 68 लंबित सत्यापन प्रकरणों को प्राथमिकता पर निपटाने को कहा गया।

प्रॉसिक्यूशन की धारा 3/25/27 के अंतर्गत लंबित प्रकरण शून्य पाए गए, जबकि उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लंबित 10 रिट एवं पीआईएल याचिकाओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। पेंशन से संबंधित कोई प्रकरण लंबित नहीं पाया गया।
इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित प्रमाण पत्र, शस्त्र लाइसेंस, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र एवं उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के अंतर्गत 189 लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में रिक्त उचित दर दुकानों (3 लंबित) एवं पेट्रोल पंप एनओसी (26 लंबित) के मामलों पर भी चर्चा हुई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से जुड़े मामलों में शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे जनपद की कार्यप्रणाली में सुधार हो और शासन स्तर पर बेहतर रैंकिंग प्राप्त की जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी न्यायिक, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
