जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में व्यापारी संगठनों एवं कोचिंग संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अग्नि सुरक्षा, व्यापारिक समस्याओं तथा हाल ही में लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनजर सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान विभिन्न व्यापारी संगठनों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं, जिनका दोनों अधिकारियों द्वारा मौके पर ही निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। ऐसी घटनाओं में बड़ी जनहानि की आशंका रहती है, इसलिए सभी कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल एवं शॉपिंग प्लाजा संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि अधिकांश अग्नि दुर्घटनाएं विद्युत शॉर्ट सर्किट और ओवरलोडिंग के कारण होती हैं। इसलिए विद्युत भार के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वायरिंग, एमसीबी तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग किया जाए और समय-समय पर विद्युत व्यवस्था की जांच कराई जाए। साथ ही भवनों में क्षमता से अधिक लोगों की उपस्थिति न हो तथा पर्याप्त संख्या में सुरक्षित निकास द्वार उपलब्ध हों।
जिलाधिकारी ने दुकानों एवं गोदामों में दीपक, अगरबत्ती और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि सभी संस्थानों में फायर हाइड्रेंट, अग्निशमन यंत्र एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए। इसके साथ ही समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए और आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जन-जागरूकता अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सभी कोचिंग संस्थान निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं तथा बेसमेंट में अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के संचालन का प्रशिक्षण देने और नियमित मॉक ड्रिल कराने पर बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों एवं अवैध निर्माण में संचालित संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी संस्थानों में स्मोक डिटेक्टर, ऑटोमेटिक अलार्म सिस्टम एवं अन्य सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं और निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थान अपना पंजीकरण अवश्य कराएं तथा विद्यार्थियों की संख्या, भवन का क्षेत्रफल, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था तथा अग्नि सुरक्षा संबंधी अभिलेख सुव्यवस्थित रखें। उन्होंने भवनों में पर्याप्त स्थान, समुचित वेंटिलेशन एवं सुरक्षित निकास व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एयर कंडीशनर एवं अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित सर्विसिंग कराई जाए तथा ओवरलोडिंग की जांच समय-समय पर की जाए। संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, फर्स्ट एड किट तथा नियमित मॉक ड्रिल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बैठक के अंत में लखनऊ अग्निकांड में दिवंगत विद्यार्थियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, एआरटीओ प्रदीप देशमणि, समस्त क्षेत्राधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं व्यापारीगण उपस्थित रहे।
