इटावा। जिला अस्पताल के महिला अस्पताल में प्रतिदिन आठ से लेकर 12 प्रसव होते हैं, जिसके कारण अब एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में बेड की कमी महसूस हो रही है। वर्तमान में महिला अस्पताल के एसएनसीयू में 12 बेड हैं, लेकिन बढ़ते मरीजों के कारण इन बेडों पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति में, अगर अधिक गंभीर नवजात मरीज आते हैं, तो उन्हें सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर किया जा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर महिला अस्पताल में एसएनसीयू का संचालन किया जाता है, जहां अति गंभीर शिशुओं की विशेष देखभाल की जाती है। यहां की व्यवस्था नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर खास ध्यान देती है, लेकिन अधिक मरीजों की वजह से कभी-कभी एक बेड पर दो नवजातों का इलाज किया जाता है।
एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. रतन लाल ने बताया कि वर्तमान में सभी 12 बेड पूरी तरह से भर चुके हैं। अधिक गंभीर मरीजों को एक ही बेड पर उपचार दिया जा रहा है या फिर उन्हें सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय भेज दिया जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से नए बेड की व्यवस्था और एसएनसीयू की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है ताकि नवजातों को बेहतर देखभाल मिल सके।
