सैफई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। विश्वविद्यालय की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी द्वारा ग्राम पिंडारी में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।

स्वास्थ्य शिविर में 200 से अधिक ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 50 से अधिक मरीजों की रक्त जांच भी की गई। जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को विश्वविद्यालय की ओर से निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ विभागों की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक जांच की सुविधा मिल सकी।
शिविर की एक प्रमुख विशेषता Pathology on Wheels के माध्यम से उपलब्ध कराई गई जांच सुविधा रही। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र में ही आवश्यक पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इससे ग्रामीणों को जांच के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और उन्हें शिविर स्थल पर ही स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाएं प्राप्त हुईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ UPUMS के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच केवल बड़े अस्पतालों और शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर ग्रामीण अंचलों तक भी होनी चाहिए। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से जल-जनित एवं मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया। ग्रामीणों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा बीमारी से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई।
स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न विभागों की चिकित्सा टीमों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। डॉ. राजमंगल यादव, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. सिद्धार्थ कुमार, श्री जगदीश सिंह, डॉ. संजय कुमार कन्नौजिया, नवल किशोर शर्मा एवं प्रमोद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों की जांच, परामर्श और स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग किया।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार, दीपक वर्मा, प्रो. (डॉ.) एस. पी. सिंह एवं प्रो. (डॉ.) अमित सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं चिकित्सा दल उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की टीम ने शिविर में आने वाले ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुना और आवश्यकता के अनुसार उन्हें चिकित्सकीय सलाह एवं दवाएं उपलब्ध कराईं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य ग्रामीण आबादी को उनके क्षेत्र में ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराना रहा। शिविर में ग्रामीणों की सहभागिता से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता का भी संदेश गया। ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय की ओर से गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने को उपयोगी पहल बताया।
गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित शिविर ने स्वास्थ्य सेवा के साथ स्वच्छता और जनजागरूकता का संदेश भी दिया। महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को याद करते हुए ग्रामीणों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही बदलते मौसम में मच्छरजनित और जल-जनित बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने पर जोर दिया गया।
UPUMS की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी द्वारा आयोजित इस शिविर के माध्यम से विश्वविद्यालय ने ग्रामीण क्षेत्र तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाने का प्रयास किया। निःशुल्क परीक्षण, रक्त जांच, विशेषज्ञ परामर्श और दवा वितरण के साथ ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। विश्वविद्यालय की ओर से सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया गया।
शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श से अनेक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उपचार में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने के लिए प्रेरित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत UPUMS की टीम ने स्वास्थ्य सेवा, जनजागरूकता और स्वच्छता संदेश को एक साथ ग्रामीणों तक पहुंचाया।
