मोहर्रम के पवित्र महीने के अवसर पर शुक्रवार को कस्बा समथर में ‘सबील-ए-इमाम हुसैन’ का आयोजन किया गया। मस्जिद के मौलाना मुहम्मद नोमान रज़ा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में राहगीरों और क्षेत्रवासियों को ठंडा शरबत पिलाकर हज़रत इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदों की याद ताज़ा की गई।
इस अवसर पर मौलाना मुहम्मद नोमान रज़ा ने कहा कि कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों को कई दिनों तक पानी से वंचित रखा गया था। उनकी इसी प्यास और महान कुर्बानी की याद में हर वर्ष मोहर्रम के दौरान सबील लगाकर लोगों को शरबत पिलाया जाता है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का जीवन सत्य, इंसानियत, न्याय, त्याग और अमन का प्रतीक है तथा उनके आदर्श आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और राहगीरों को शरबत वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया। आयोजन में बसीम खां, नसीब खां, आजाद हुसैन, आरिफ खां, मेहदी हुसैन, हन्नान खां, राजा, अरबाज खां, इनासुद्दीन, सरफत खां, फिरोज खां, छोटू, भोले, बाबुद्दीन खां और निजामुद्दीन सहित कई लोगों ने सक्रिय सहयोग किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करने के साथ-साथ समाज में भाईचारे, प्रेम और मानव सेवा का संदेश देना रहा। आयोजन के दौरान क्षेत्र में सौहार्द और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
