अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी में आयोजित भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व योग की शक्ति को स्वीकार कर रहा है और यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक है। उन्होंने संस्कृत श्लोक “न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्” का उल्लेख करते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-आयुष पत्रिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल माध्यम से मार्गदर्शन एवं सान्निध्य भी प्राप्त हुआ, जिसे उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक सुना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का माध्यम है। उन्होंने लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, योग प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी महानुभावों का हृदय से अभिनंदन करते हुए उनके सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
