ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ, सुंदर और मनोरंजनयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ताखा ब्लॉक की ग्राम पंचायत ताखा के ग्राम नगला ढकाऊ में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से निर्मित मॉडल पार्क आज बदहाली और उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पार्क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब यह ग्रामीणों के लिए टहलने योग्य भी नहीं रह गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस उद्देश्य से पार्क का निर्माण कराया गया था, वर्तमान स्थिति उससे बिल्कुल विपरीत है। पार्क परिसर में चारों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और खरपतवार उग आए हैं। नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पार्क में सुरक्षा और रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाई गई स्ट्रीट लाइटें भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं। शाम होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
मॉडल पार्क की इस दयनीय स्थिति को लेकर **श्री राजाराम फाउंडेशन ट्रस्ट** के संस्थापक एवं अध्यक्ष **दीपक यादव** ने जिलाधिकारी से शिकायत कर सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि पार्क के निर्माण पर लगभग 43 लाख रुपये खर्च किए गए थे, जबकि एक वर्ष पूर्व इसके सौंदर्यीकरण और साज-सज्जा के लिए 12 लाख रुपये का टेंडर भी कराया गया था। इसके बावजूद पार्क की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
दीपक यादव ने मांग की है कि पार्क की तत्काल सफाई कराकर झाड़ियों और खरपतवार को हटाया जाए, ताकि ग्रामीण यहां सुबह-शाम टहल सकें। साथ ही जर्जर हिस्सों की मरम्मत, रंग-रोगन, नए पौधों का रोपण तथा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कर प्रकाश व्यवस्था बहाल की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पार्क का रखरखाव और सुंदरीकरण नहीं कराया गया तो शासन द्वारा कराए गए इस विकास कार्य का उद्देश्य समाप्त हो जाएगा और सरकारी धन की बर्बादी साबित होगी।
इस संबंध में **खंड विकास अधिकारी ताखा प्रदीप कुमार** ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। पंचायत सचिव से वार्ता कर पार्क में मौजूद सभी कमियों को शीघ्र दूर कराया जाएगा तथा सफाई एवं मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
