आगरा रोड स्थित सर मदनलाल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी (एसएमजीआई), आलमपुर हौज में 6वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह-2026 एवं विश्व फार्मासिस्ट दिवस-2026 के उपलक्ष्य में विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग, फार्माकोविजिलेंस के महत्व तथा स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस वर्ष राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह की थीम “फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना : सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की ओर एक कदम” तथा विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” निर्धारित की गई। इन्हीं विषयों को केंद्र में रखकर संस्थान में रील मेकिंग, भाषण प्रतियोगिता, फार्मा क्विज, लीफलेट मेकिंग एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिताओं में बी.फार्म के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता, ज्ञान एवं प्रस्तुतीकरण कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को दवाओं के सुरक्षित उपयोग, दुष्प्रभावों की निगरानी और स्वास्थ्य प्रणाली में फार्मासिस्ट की बदलती भूमिका को समझने का अवसर मिला।
फार्मा क्विज प्रतियोगिता में बी.फार्म पंचम सेमेस्टर के मोहम्मद उजैद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। तृतीय सेमेस्टर के अनमोल तिवारी द्वितीय तथा पंचम सेमेस्टर की आकांक्षा कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
लीफलेट मेकिंग प्रतियोगिता में बी.फार्म पंचम सेमेस्टर की अंशिका सोनी प्रथम, आयुष कुमार द्वितीय तथा तृतीय सेमेस्टर के हसनैन खान तृतीय स्थान पर रहे। प्रतिभागियों ने दवाओं के सुरक्षित उपयोग और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषयों पर आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण प्रस्तुतियां दीं।
पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में बी.फार्म सप्तम सेमेस्टर की आयुषी गौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रथम सेमेस्टर की इल्मा को द्वितीय तथा इल्मा फातिमा को तृतीय स्थान मिला। विद्यार्थियों ने फार्माकोविजिलेंस और रोगी सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
वहीं भाषण प्रतियोगिता में बी.फार्म सप्तम सेमेस्टर के पीयूष शाक्य ने प्रथम स्थान हासिल किया। पंचम सेमेस्टर की तनु द्वितीय तथा सप्तम सेमेस्टर की देवांगी यादव तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका, दवाओं के जिम्मेदार उपयोग और रोगी सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन डॉ. सुनैना अग्रवाल, डॉ. सीमा तिवारी, मुकेश पाठक, हर्षित यादव, सूर्यांशु मिश्रा, कीर्ति शर्मा एवं प्रिया कुमारी सहित विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति, विषय की समझ, रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
संस्थान प्रशासन ने बताया कि सभी विजेताओं को 25 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोह में स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उत्साह, समर्पण और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की गई।
संस्थान के शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और जनहितकारी बनाने में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।
