इटावा। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन इटावा में एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) संतोष कुमार सिंह ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को मूक-बधिर एवं श्रवण बाधित व्यक्तियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना था, ताकि दिव्यांगजन भी पुलिस सेवाओं का सहजता से लाभ उठा सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के विभिन्न संकेतों एवं संवाद के तरीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मूक-बधिर एवं श्रवण बाधित व्यक्ति अक्सर अपनी समस्याओं और शिकायतों को सामान्य तरीके से व्यक्त नहीं कर पाते, जिसके कारण उन्हें कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा का बुनियादी ज्ञान होने से उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से अभिवादन, सामान्य प्रश्न, सहायता संबंधी संवाद तथा शिकायतों को समझने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी आपात स्थिति में दिव्यांग व्यक्तियों से प्रभावी संवाद स्थापित कर उनकी सहायता कैसे की जा सकती है।
अपर पुलिस अधीक्षक अपराध संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय और सहायता पहुंचाना है। दिव्यांग एवं श्रवण बाधित नागरिकों को भी बिना किसी बाधा के पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए ताकि वे अपनी समस्याएं और शिकायतें सहजता से पुलिस तक पहुंचा सकें।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि थानों एवं पुलिस कार्यालयों में आने वाले दिव्यांगजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना और निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषा का ज्ञान पुलिस और दिव्यांग नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी सांकेतिक भाषा सीखने में रुचि दिखाई और इसे जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस विभाग ने समावेशी एवं संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में एक सकारात्मक कदम बढ़ाया है, जिससे मूक-बधिर एवं श्रवण बाधित व्यक्तियों को पुलिस सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
