इटावा, 23 सितम्बर। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, पोषण ट्रैकर की प्रगति, कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन एवं उपचार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न पोषण संबंधी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण करने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में 340 केंद्रों के सापेक्ष 254 केंद्रों पर आरओ की स्थापना का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 86 केंद्रों पर कार्य अभी लंबित है। चकरनगर में 35 और सैफई में 40 आरओ इंस्टॉलेशन सबसे अधिक लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कंपनी को पत्र जारी करने तथा शासन को भी स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। डीपीओ एवं सभी सीडीपीओ को आरओ कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने तथा स्थापित इकाइयों की गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र प्रबंधन समितियों के गठन की समीक्षा की गई। जनपद के 1,564 केंद्रों में से 1,256 समितियों का गठन हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष समितियों का गठन तत्काल पूरा करने और अगली बैठक तक कोई भी प्रकरण लंबित न रहने के निर्देश दिए। वहीं पोषण ट्रैकर पर फेस कैप्चर एवं ई-केवाईसी/एफआरएस की सितंबर माह की प्रगति 98.40 प्रतिशत पाई गई, जिसे शत-प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं के वजन एवं चार प्रसव पूर्व जांच से संबंधित प्रविष्टियों की समीक्षा में सितंबर माह में 21 सितंबर तक प्रगति 81.10 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अगस्त में यह 86.10 प्रतिशत थी। जिलाधिकारी ने शेष दिनों में विशेष अभियान चलाकर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। आभा आईडी निर्माण की समीक्षा में 1,02,247 लाभार्थियों के सापेक्ष 58.49 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई, जबकि 42,440 लाभार्थियों की प्रक्रिया अभी शेष है। इटावा शहर, भरथना और बढ़पुरा में अपेक्षाकृत कम प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
पोषण ट्रैकर पर मेजरिंग एफिशिएंसी की सितंबर माह में 21 सितंबर तक 88.30 प्रतिशत प्रगति पाई गई, जो अगस्त माह में 98.76 प्रतिशत थी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बच्चों का वास्तविक वजन लेकर ही पोषण ट्रैकर पर सही विवरण दर्ज किया जाए और किसी भी प्रकार की अनुमानित या गलत प्रविष्टि न की जाए। गृह भ्रमण की प्रगति 87.65 प्रतिशत रहने पर उन्होंने शेष भ्रमण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं वीएचएसएनडी गतिविधियों की समीक्षा में सितंबर माह में 63.11 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। भरथना और बढ़पुरा में कम प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सभी पात्र लाभार्थियों तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लंबित गतिविधियों का तत्काल आयोजन कराने के निर्देश दिए।
टीएचआर प्लांटों से जुलाई-अगस्त माह के पोषण भुगतान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि भुगतान से पहले आईसीडीएस एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन की प्राप्ति का सत्यापन अवश्य कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन प्राप्त होने की पुष्टि के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए।
बैठक में गंभीर कुपोषित (एसएएम) बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सितंबर माह में 21 सितंबर तक जनपद में 396 एसएएम बच्चों का चिन्हांकन किया गया, जिनमें बढ़पुरा में 67, बसरेहर में 56 और सैफई में 35 बच्चे शामिल हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हित बच्चों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक उपचार, पोषण आहार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि कुपोषण की समस्या को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सके।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए पोषण संबंधी योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
