भूमिजा फाउंडेशन एवं एकलव्य फाउंडेशन के तत्वावधान में दो दिवसीय शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के समापन पर विजेताओं को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ महिला शिक्षक संघ अध्यक्ष कामना सिंह और भारतीय किसान संघ प्रांत महिला प्रमुख सुशीला राजावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि महिला थाना प्रभारी निर्मला कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल और शारीरिक गतिविधियों में नियमित भागीदारी महिलाओं के तनाव को कम करने में सहायक होती है। उन्होंने यह भी कहा कि कामकाजी महिलाओं को अपने पारिवारिक और कार्यक्षेत्रीय दायित्वों में संतुलन बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अर्चना सिन्हा ने कहा कि शूटिंग एक ऐसा खेल है जो महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाता है। यह न केवल आत्मरक्षा की एक महत्वपूर्ण विधा है, बल्कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा के लिए शूटिंग का सही उपयोग सीखना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम संयोजिका नमिता परिहार ने कहा कि शूटिंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और आत्म-निर्भरता का प्रतीक भी है। इस खेल के माध्यम से महिलाएं मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनती हैं, जिससे वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हो सकती हैं।
इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे, जिससे महिलाओं को खेल और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।
