समाजवादी व्यापार सभा के जिला अध्यक्ष राजीव चंदेल ने व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ आज जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में व्यापारियों के साथ लूट, हत्या, अपहरण जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे व्यापारिक समुदाय भय के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सरकारी विभाग व्यापारियों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि राज्य कर विभाग, बाट-माप विभाग, श्रम विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। फुटकर, रेहड़ी, पटरी, गुमटी और छोटे-मध्यम व्यापारियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों और गोदामों की जबरन जांच की जा रही है, जिससे व्यापारी मानसिक तनाव में हैं।
समाजवादी व्यापार सभा ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों की मनमानी के चलते व्यापारियों के बैंक खाते तक सीज किए जा रहे हैं। ऑनलाइन बाजार से पहले ही छोटे व्यापारी संकट में थे, लेकिन अब सरकारी दबाव के कारण उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंस्पेक्टर राज हावी हो चुका है, जिससे व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जब कोई व्यापारी अपने अधिकारों की बात करता है या सोशल मीडिया पर अपनी समस्याएं रखता है, तो सरकार उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजने का काम कर रही है। हाल ही में समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल के साथ हुई घटना को भी इसका उदाहरण बताया गया।

समाजवादी व्यापार सभा ने इस तरह की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए सरकार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि व्यापारी विरोधी नीतियों को जल्द वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने मांग की कि व्यापारियों का उत्पीड़न रोका जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर डॉ. आशीष दीक्षित, श्रवण कुमार गुप्ता, संतोष सोनी, हरिओम वर्मा, राज शंखवार, शिवम सोनी और श्रीपति वर्मा सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर व्यापारियों की समस्याओं को हल करने की मांग उठाई और सरकार को चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
