इमरान बेग – इटावा टैक्स बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ताओं ने आज अपर आयुक्त राज्यकर कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें वैट और जीएसटी में व्यापारी के प्रमुख मुद्दों को उठाया गया। ज्ञापन में यह अवगत कराया गया कि विभाग द्वारा व्यापारी के बैंक खाते होल्ड या सीज कर दिए जाते हैं, लेकिन कर निर्धारण के बाद भी विभाग द्वारा इन होल्ड को हटाया नहीं जाता, जिससे व्यापारी को व्यापार में गंभीर कठिनाई होती है। इस संबंध में यह अनुरोध किया गया कि वाद निस्तारण होने के बाद एक या दो दिन के अंदर बैंक खाता से होल्ड हटा दिया जाए, ताकि व्यापारी अपने व्यापार को सामान्य रूप से चला सके।
इसके अलावा, ज्ञापन में यह भी बताया गया कि राज्य कर अधिकारियों द्वारा एक ही वित्तीय वर्ष में एक ही वाद के कई नोटिस भेजे जाते हैं, जो व्यापारियों के लिए अत्यधिक परेशानी का कारण बनता है। एसोसिएशन ने अधिकारियों से यह अनुरोध किया कि वे केवल अपने क्षेत्राधिकार में ही नोटिस जारी करें, ताकि व्यापारी को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ज्ञापन देने वालों में एड. हरि हरि नारायण, एड. इंद्रेश दीक्षित, एड. जितेन्द्र कुमार पोरवाल, एड. ऋषि पोरवाल, एड. सोनू वर्मा, एड. देवेन्द्र भदौरिया, और एड. गौरव अग्रवाल सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
