आशा कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश (सीटू संबद्ध) के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को ज्ञापन भेजा। यूनियन ने संसद द्वारा एक वर्ष पूर्व बढ़ाए गए भत्तों का बकाया भुगतान तत्काल कराने, न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन, कर्मचारी का दर्जा, लंबित भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जैसी मांगें उठाईं।

डॉ. आंबेडकर चौराहे पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन को समर्थन देते हुए मजदूर-किसान एकता को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
आशा कर्मचारी यूनियन की प्रांतीय महामंत्री संगीता कश्यप ने कहा कि मार्च 2025 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा संसद में घोषित बढ़े हुए भत्तों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सीएचसी, पीएचसी एवं सीएमओ कार्यालयों से आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय और अन्य भत्ते समय से जारी करने तथा उत्पीड़न बंद करने की मांग की।
सभा को किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य, कोषाध्यक्ष डॉ. शौकीन सिंह, आशा कर्मचारी यूनियन की जिला अध्यक्ष शकुंतला राजपूत सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस दौरान एक प्रस्ताव पारित कर मेरठ में दलित बेटी की हत्या तथा आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
सभा के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने डॉ. आंबेडकर चौराहे से कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कचहरी परिसर में भी संक्षिप्त सभा आयोजित कर अपनी मांगों को दोहराया।
