जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रीड्रेसल सिस्टम) के माध्यम से प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सत्यपाल सिंह भी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि फरवरी 2025 से आईजीआरएस प्रणाली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर जनपद की रैंकिंग और स्कोर पर पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संतोषजनक फीडबैक की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं ताकि जन शिकायतों का प्रभावी और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभागीय शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष ही जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और निस्तारण की सूचना के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं आवेदक से फोन पर संपर्क करें। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रतिदिन कम से कम 5 से 7 शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य है।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के कार्य की सराहना की और कहा कि पुलिस विभाग द्वारा दी जा रही रिपोर्ट्स संतोषजनक हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब केवल कागजी कार्यवाही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता का संतुष्ट होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण करें और संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करें।
