इटावा। कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला लगातार जारी है। हालांकि, अन्य दिनों की अपेक्षा मंगलवार को ट्रेनों की देरी कम रही, फिर भी यात्री परेशान रहे। मंगलवार को कुल 19 ट्रेनें इटावा जंक्शन पर देर से पहुंची। इसमें सबसे अधिक देरी साबरमती लखनऊ एक्सप्रेस की रही, जो दो घंटे 26 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची।
मंगलवार को हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर इटावा जंक्शन से गुजरने वाली 19 ट्रेनों में से कई की समय पर न पहुंचने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इनमें गाड़ी संख्या 64632 शिकोहाबाद कानपुर पैसेंजर 17 मिनट, गाड़ी संख्या 12965 बेरात्रल एक्सप्रेस 23 मिनट, गाड़ी संख्या 20176 वंदे भारत 10 मिनट, गाड़ी संख्या 12180 लखनऊ इंटरसिटी दो घंटे 23 मिनट, और गाड़ी संख्या 64588 टूडला-कानपुर पैसेंजर 14 मिनट लेट रही।
इसके अलावा गाड़ी संख्या 12308 जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 30 मिनट, गाड़ी संख्या 12312 कालका नेताजी एक्सप्रेस 45 मिनट, गाड़ी संख्या 18102 मुरी एक्सप्रेस 30 मिनट देरी से स्टेशन पर पहुंची। गाड़ी संख्या 20801 मगध एक्सप्रेस एक घंटा 27 मिनट, गाड़ी संख्या 64634 मैनपुरी-आगरा पैसेंजर एक घंटा 28 मिनट, गाड़ी संख्या 15557 अमृत भारत एक्सप्रेस एक घंटा 28 मिनट, और गाड़ी संख्या 04189 कानपुर-अलीगढ़ मेमू एक घंटा 24 मिनट लेट रही।
इस तरह कुल 19 ट्रेनें इटावा जंक्शन पर विभिन्न समयों में देरी से पहुंची। ट्रेनों के विलंब के कारण कई यात्री समय से पहले स्टेशन पहुंच गए थे, जिससे उन्हें ठंड में परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने प्लेटफार्म के बाहर जल रहे अलाव के पास बैठकर ठंड से राहत पाने की कोशिश की, तो कुछ यात्री प्रतीक्षालय में बैठकर इंतजार करते दिखे।
ट्रेनों के लेट होने से यात्री अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए इंतजार करते रहे। इस दौरान स्टेशन पर इंतजार कर रहे लोगों के चेहरों पर चिंता और थकावट साफ दिखाई दे रही थी। कोहरे के कारण ट्रेनों की देरी और यात्री सुविधाओं की कमी ने सर्दी के मौसम में सफर को और भी मुश्किल बना दिया है। इटावा जंक्शन पर रेलवे प्रशासन को इस समस्या को जल्द सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
