इटावा। शहरवासियों ने नए साल के पहले दिन शहर के प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों में माथा टेककर हर्ष-उल्लास के साथ नववर्ष का स्वागत किया। इस दौरान सबसे अधिक भीड़ काली बांह मंदिर में देखी गई, जहां लोग सुबह से लेकर देर शाम तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना में जुटे रहे।
बुधवार को सुबह पांच बजे से ही काली बांह मंदिर, काली बाड़ी मंदिर, टिक्सी मंदिर, नीलकंठ मंदिर, गमा देवी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों में भक्तों की लंबी लाइनें लग गई। शहर के दक्षिण में स्थित काली बांह मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती, मां काली और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर नव वर्ष का शुभारंभ किया।
इसके अलावा कई मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सभी मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
यह पर्व शहरवासियों के लिए एक विशेष अवसर था, और सभी ने नए साल की शुरुआत माता रानी की आशीर्वाद से की।
