जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड राजस्व की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अंतर्गत राजस्व से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जनपद की राजस्व संबंधी रैंकिंग 54 पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि एमओयू मॉनिटरिंग (अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास) में जनपद को 6/10 अंक के साथ 45वीं रैंक, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में 10/10 अंक के साथ 15वीं रैंक, डिजी शक्ति में 10/10 अंक के साथ 56वीं रैंक, उत्पाद राजस्व बनाम लक्ष्य (आबकारी) में 7/10 अंक एवं 47वीं रैंक प्राप्त हुई। वहीं अमृत योजना में 10/10 अंक के बावजूद 56वीं रैंक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 6/10 अंक एवं 62वीं रैंक, राज्यकर प्रवर्तन कार्रवाई में 10/10 अंक एवं 22वीं रैंक दर्ज की गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना तथा आसवनी विक्रय लाइसेंस श्रेणी में इटावा ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा मंडी आय में मात्र 3/10 अंक के साथ 65वीं रैंक, आय प्रमाण पत्र में 59वीं रैंक तथा कुर्रा बंटवारा में 40वीं रैंक प्राप्त हुई।
मंडी आय की अत्यंत खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राजस्व वृद्धि के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कर चोरी न हो रही हो। यदि किसी स्तर पर राजस्व की हानि हो रही है तो उसकी तत्काल पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की कमजोर प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्य कर जनपद की रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए। खनन विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व वसूली को असंतोषजनक बताते हुए वसूली बढ़ाने तथा अवैध खनन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने परिवहन, खनन एवं राजस्व विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित कर स्थानीय संसाधनों के अधिकतम विकास पर जोर देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले यदि नए तरीके अपना रहे हैं तो प्रशासन को भी आधुनिक और प्रभावी रणनीति के साथ उनसे एक कदम आगे रहकर कार्य करना होगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने, योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के प्रत्येक बिंदु पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इटावा की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हो और जनपद प्रदेश के शीर्ष-10 जिलों में अपनी जगह बना सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक संदीप श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रदीप देशमणि, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा, आबकारी अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, खनन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
