कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्वाचन विभाग द्वारा मतदान स्थलों के संभाजन (पुनर्गठन) के प्रस्ताव को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी एवं मतदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से मतदान केंद्रों की स्थिति और आवश्यकताओं पर चर्चा की गई।

बैठक में मतदान स्थलों के संभाजन से जुड़े प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा स्थानीय परिस्थितियों, मतदाताओं की संख्या और भौगोलिक आवश्यकताओं के आधार पर सुझाव प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों ने बताया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार नए मतदान स्थलों के गठन एवं पुराने केंद्रों के पुनर्संयोजन पर विचार किया जा रहा है।
इस अवसर पर सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी अपने सुझाव रखे। बैठक में शामिल रहे जितेंद्र दोहरे ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं मतदाता हितैषी बनाने के लिए मतदान स्थलों का उचित निर्धारण आवश्यक है।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिससे आगामी चुनावों में मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
