इटावा। भाजपा नेता एवं सभासद शरद बाजपेयी ने अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर धूमधाम से समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर आचार्य गोविन्द माधव दुबे ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए।
शरद बाजपेयी ने अटल जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, अजातशत्रु और ओजस्वी वक्ता थे। उन्होंने देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के साथ-साथ एकता के सूत्र में बांधा। उन्होंने कहा, “अटल जी भारत की आत्मा हैं और सदैव जन-जन के दिलों में जीवित रहेंगे। उनकी कविताएं और विचार हमें प्रेरित करते रहेंगे।”
शरद बाजपेयी ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अटल पथ पर अटल जी की प्रतिमा का अनावरण उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर होना चाहिए था, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि न तो पथ पर लाइटें लगी हैं, न ही फव्वारे, और न ही प्लेटफार्म का चौड़ीकरण हुआ है। यहां तक कि अटल जी की कविता भी गलत लिखी गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द इन खामियों को दूर कर प्रतिमा का अनावरण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता राजेंद्र गुप्ता ने अटल जी के सरल और जन-प्रिय व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अटल जी कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में सदैव उनके साथ खड़े रहते थे। वहीं, शिवहरि दीक्षित ने “बाधाएं आती हैं आएं…” कविता का पाठ कर अटल जी को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, शिवहरि दीक्षित, जय प्रकाश जैन, सोमेश अवस्थी, अनिल बाजपेयी, अरुण मिश्रा, अजीत वर्मा, गोविंद माधव दुबे, प्रदीप बाजपेयी समेत अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह में सभी ने अटल जी के आदर्शों और उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
