उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने बुधवार को विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में महिला जनसुनवाई आयोजित कर महिला उत्पीड़न एवं अन्य समस्याओं से पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा।

जनसुनवाई के दौरान कुल 15 शिकायत पत्र प्राप्त हुए, जिनमें सर्वाधिक शिकायतें महिला उत्पीड़न एवं पेंशन संबंधी मामलों की रहीं। आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
पूनम द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी छोटी-बड़ी सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तथा उन पर त्वरित कार्रवाई कर न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को न्याय के लिए इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए और उसका सम्मान हर परिस्थिति में सुरक्षित रहना चाहिए।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी महिला या बालिका के सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास करता है तो पीड़िता बेझिझक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकती है। यदि समय पर न्याय नहीं मिलता है तो राज्य महिला आयोग में शिकायत प्रस्तुत की जा सकती है, जहां पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनसुनवाई बैठकों में संबंधित अधिकारी अपने विभाग द्वारा किए गए कार्यों का विवरण लिखित रूप में लेकर आएं तथा सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं।
