भरथना- कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिरौंधी में शनिवार की दोपहर बुखार से पीड़ित एक किशोरी की झोलाछाप ग्रामीण डॉक्टर के इंजेक्शन लगाते ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने गांव में क्लीनिक संचालित एक झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का गम्भीर आरोप लगाया है। घटना से आक्रोशित करीब एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने डॉक्टर की दुकान के बाहर किशोरी का शव रखकर कार्यवाही की मांग की है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल के साथ कार्यवाही में जुट गई।
पीडित पिता इंद्रेश कुमार ने बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी राधा को पिछले तीन दिनों से बुखार आ रहा था। तीन दिनों से गाँव में संचालित एक क्लीनिक के डॉक्टर से इलाज चल रहा था, शनिवार दोपहर करीब एक बजे वह बेटी को दवा दिलाने उक्त डॉक्टर के पास पहुंचे थे। आरोप है कि डॉक्टर ने उनकी बेटी राधा को नश में इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरन्त बाद राधा के मुँह से झाग आने लगा और हालत बिगड़ने लगी। राधा के मुँह से झाग निकलते ही वह तड़पने लगी। परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने पर डॉक्टर किसी अन्य चिकित्सक के यहां ले जाने की कहकर अपनी दुकान में ताला लगाकर मौके से भाग निकला। जिस पर किशोरी के परिजन उसे आनन-फानन में भरथना के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
