इटावा। जनपद में कथित अवैध खनन और निर्माण कार्यों को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मेंद्र दुबे ने मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अवैध खनन एवं संबंधित गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। धर्मेंद्र दुबे ने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर मामले में कार्रवाई नहीं होती है, तो वह भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय ले सकते हैं।
धर्मेंद्र दुबे ने कहा कि वह लगातार जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और जनहित से जुड़े मामलों को प्रशासन के समक्ष रखते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं और परियोजनाओं का अपेक्षित रूप से क्रियान्वयन नहीं होने से शासन की मंशा प्रभावित हो रही है।उन्होंने अपने ज्ञापन में इकदिल क्षेत्र में रेलवे के नाम पर कथित रूप से हो रहे मिट्टी के भराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं की जमीनों पर भराव का कार्य किया जा रहा है और इसमें प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत की आशंका है।उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध खनन एवं भराव से संबंधित गतिविधियों की जांच करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।

धर्मेंद्र दुबे ने कहा कि वह जनपद इटावा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के संकल्प के साथ जनहित के मुद्दे उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री की योजनाओं और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के पक्ष में हैं तथा जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
धर्मेंद्र दुबे ने अपने राजनीतिक संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के तहत वह सरकार की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराने और जनसमस्याओं को उठाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर वह भूख हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब मामले में प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है। धर्मेंद्र दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
