ताखा ब्लॉक में सरकारी जीप को कथित रूप से चोरी-छिपे बेचने के मामले की जांच के दौरान सोमवार को कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) राकेश प्रसाद और जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की संयुक्त जांच टीम ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर विवादित वाहन के अवशेषों और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। अधिकारियों के पहुंचते ही ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया।

जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया कि ब्लॉक परिसर में रखे गए विवादित चेसिस पर काफी खोजबीन के बावजूद चेसिस नंबर नहीं मिल सका। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने काफी देर तक चेसिस की बारीकी से जांच की, लेकिन उस पर कोई स्पष्ट नंबर दिखाई नहीं दिया। वहीं इंजन की जांच के दौरान भी टीम को इंजन नंबर खोजने में सफलता नहीं मिली।
स्थानीय लोगों और मामले पर नजर बनाए हुए लोगों का कहना है कि चेसिस और इंजन नंबर का नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है। इससे यह आशंका और बलवती हो रही है कि मूल सरकारी जीप की जगह किसी अन्य वाहन के हिस्से ब्लॉक परिसर में लाकर रखे गए हैं।
जांच के दौरान एक और तथ्य अधिकारियों के संज्ञान में आया। मौके पर रखे इंजन में रेडिएटर के पास ताजा मोबिल ऑयल लगा हुआ दिखाई दिया। जबकि बताया जा रहा है कि जिस सरकारी जीप की चर्चा हो रही है, वह लंबे समय से निष्क्रिय अवस्था में थी। ऐसे में इंजन पर ताजा ऑयल का मिलना संदेह को और गहरा कर रहा है।
संयुक्त जांच टीम ने ब्लॉक के स्टॉक रजिस्टर समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और उन्हें परीक्षण के लिए अपने कब्जे में लिया। इसके अलावा स्टोर रूम में रखे सरकारी सामान का भौतिक सत्यापन भी किया गया, ताकि अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ब्लॉक परिसर में फैली गंदगी और उगी हुई बड़ी-बड़ी घास पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीडीओ राकेश प्रसाद ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
गौरतलब है कि विवादित चेसिस को गत शुक्रवार शाम ब्लॉक परिसर में लाकर खड़ा किया गया था। ब्लॉक के चौकीदार देवराज ने उसी समय इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचना दी थी। चौकीदार का दावा था कि यह चेसिस मूल सरकारी जीप की नहीं है। अब जांच के दौरान चेसिस और इंजन नंबर का न मिलना तथा इंजन पर ताजा ऑयल मिलने जैसी बातें सामने आने के बाद मामले को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल संयुक्त जांच टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
