ताखा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखक संघ, ताखा ने अपनी मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी ताखा श्वेता मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। दस्तावेज लेखकों का कहना है कि नई व्यवस्था से वर्षों से रजिस्ट्री और दस्तावेज लेखन के कार्य पर निर्भर हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में लेखकों ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के प्रभावी होने के बाद पारंपरिक रूप से दस्तावेज लेखन का कार्य करने वाले पंजीकृत लेखकों का रोजगार प्रभावित होगा, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
दस्तावेज लेखक संघ ने सरकार से मांग की है कि ई-पंजीकरण व्यवस्था के अंतर्गत पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को भी “विनिर्दिष्ट संस्था” की श्रेणी में शामिल किया जाए। साथ ही नई व्यवस्था के नियमों में आवश्यक संशोधन कर उनके रोजगार और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव एवं महामंत्री अर्पित दुबे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक तहसील मुख्यालय पहुंचे। इस अवसर पर जिला लेखा परीक्षक हुकुम सिंह यादव, जिला सह मंत्री नवीन कुमार सविता, अनुरुद्ध कुमार, प्रिंस पाल, रविकांत, गौरव कुमार, प्रदीप तिवारी, विकास कुमार, सचिन यादव, सनोज पाल तथा कु. सोनी सहित अनेक बैनामा लेखक उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की, ताकि दस्तावेज लेखकों के रोजगार और भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
