इटावा, 13 जून 2026। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति, पर्यावरण समिति एवं प्रदूषण नियंत्रण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, नदियों के पुनरुद्धार, ठोस एवं जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा आगामी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यक होने पर उनकी विद्युत एवं जलापूर्ति भी बंद की जा सकती है।
नदियों में ठोस अपशिष्ट एवं सीवेज प्रवाह की समीक्षा के दौरान करनपुरा स्थित 10.44 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संयंत्र के बंद रहने से अशुद्ध जल सीधे नदी में जा रहा है, जो गंभीर विषय है। संबंधित अधिकारियों को अगले दो माह तक प्रतिदिन एसटीपी संचालन की फोटो एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार मौजा उमरैन स्थित 13.5 एमएलडी क्षमता का सीवेज उपचार संयंत्र भी बंद मिला। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि गंदा पानी नदियों में प्रवाहित हो रहा है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पर्यावरण और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले संस्थानों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि कानून में पर्याप्त प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों को उदासीनता छोड़कर तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
सिरसा नदी पुनरुद्धार अभियान की समीक्षा करते हुए डीएम ने राजस्व विभाग को नदी क्षेत्र का सीमांकन कर आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण कराने तथा पुनर्जीवन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में उदी और चकरनगर क्षेत्र में सड़क किनारे जैव चिकित्सा अपशिष्ट जलाए जाने तथा दीप किरण अस्पताल के सामने सरैया रोड पर मेडिकल वेस्ट बिखरे मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के भीतर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) केंद्रों की समीक्षा के दौरान कामेथ, जसवंतनगर और भरथना के केंद्रों पर विद्युत आपूर्ति एवं अपशिष्ट प्रसंस्करण कार्य बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के बंद रहने से मिश्रित कचरे के ढेर लग जाएंगे। सभी केंद्रों को तत्काल सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड किनारे बल्ब अपशिष्ट फेंके जाने के मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा आवश्यकतानुसार बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने के निर्देश दिए गए।
महराजपुर, अतरदास की बगिया एवं पूर्विया टोला से जुड़े नालों में कचरा पाए जाने पर नगर पालिका को नियमित सफाई अभियान चलाने तथा स्थायी सफाई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए। वहीं नुमाइश मैदान और स्पोर्ट्स स्टेडियम के बीच खाली मैदान में कचरा डाले जाने पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सफाई कराने के आदेश दिए गए।
कचौरा बाईपास पर कोल्ड स्टोरेज संचालकों द्वारा आलू का अपशिष्ट फेंके जाने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी को संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के कूड़ा वाहनों द्वारा सड़क किनारे कचरा डालने के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को कूड़ा वाहनों में पीछे से पूर्णतः बंद व्यवस्था विकसित करने के लिए कहा गया ताकि परिवहन के दौरान कचरा सड़कों पर न गिरे।
वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में जनपद में वृहद स्तर पर वन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सभी विभागों को वृक्षारोपण लक्ष्य आवंटित किए जा चुके हैं और पौधों की उपलब्धता नर्सरियों से सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर, सामाजिक वानिकी प्रभाग के निदेशक विकास नायक, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
