हमीरपुरा मंदिर पर सात दिवसीय भागवत कथा संपन्न:श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र का वर्णन, सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल

Share This

बकेवर:- लवेदी क्षेत्र के यमुना नदी किनारे बाबा हमीरपुरा महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन सुदामा चरित्र एवं व्यास-विदाई प्रसंग के साथ हुआ। भागवताचार्य मनमुकुन्द जी महाराज ने व्यासपीठ से सुदामा चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग सच्ची मित्रता तथा निष्काम भक्ति का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में सहपाठी थे। दोनों के बीच अटूट प्रेम था। आश्रम में भिक्षा लाने से लेकर जंगल में लकड़ी काटने तक, दोनों साथ रहते थे। उन्होंने बताया कि आश्रम से विदा होने के बाद श्रीकृष्ण द्वारका के राजा बने।

सुदामा अत्यंत साधारण जीवन जीने वाले ब्राह्मण बने। गरीबी के कारण कई बार उनके परिवार को भूखा रहना पड़ता था। पत्नी के आग्रह पर सुदामा अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। फटे-पुराने वस्त्रों में सुदामा को देखकर द्वारपाल भी चकित रह गए। भागवताचार्य ने बताया कि मित्र की स्थिति देखकर भगवान श्रीकृष्ण भावुक हो गए। वे स्वयं दौड़कर सुदामा को अंदर लेकर आए। उन्होंने अपने आंसुओं से सुदामा के चरण धोए। सुदामा संकोचवश अपनी पोटली छिपाए रहे। श्रीकृष्ण ने उसमें रखे रूखे चावलों को प्रेमपूर्वक ग्रहण किया।

निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने सुदामा की कुटिया को महलों में बदल दिया। उनकी दरिद्रता समाप्त कर दी। कथा में शुकदेव मुनि और राजा परीक्षित का प्रसंग भी सुनाया गया। भागवताचार्य ने कहा कि शुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को बताया था कि कलियुग में धर्म, सत्य और दया का ह्रास होगा। मनुष्य का मूल्य धन-दौलत से आंका जाएगा। ऐसे समय में हरि-स्मरण और नाम-कीर्तन ही मुक्ति का एकमात्र साधन रहेगा। उन्होंने बताया कि सात दिनों की कथा पूर्ण होने पर शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को अंतिम उपदेश दिया।

उन्होंने कहा कि जीवन नश्वर है। इसलिए मोह-माया त्यागकर प्रभु-भक्ति में मन लगाना चाहिए। व्यास-विदाई के समय राजा परीक्षित सहित सभी श्रोता भावुक हो उठे। इस दौरान ग्राम दाउदपुर, सब्दलपुर, टकरुपुर व इकनौर,मडैया, दिलीपनगर व लखना बकेवर नगर सहित आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।

Share This
Shivam Shukla
Shivam Shuklahttps://etawahlive.com/
Almost 8 years of social media experience with social engagement preferred...
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

जैन मूर्तिकला का असुरक्षि‍त संग्रहालय जैसा है आसई

आसई को आशानगरी भी कहा जाती है। आसई का अस्‍ि‍तत्‍व बस्‍तुत: इटावा की प्राचीनता का द्योतक है। यमुना के बीहड़ों  को काटकर बनाई गई...

शिक्षाविद

इटावा में फिजिक्स के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक एवं छात्रों की सफलता के प्रेरणास्रोत: डी. एस. राजपूत

इटावा के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान अगस्त्य अकैडमी के निदेशक डी. एस. राजपूत ने फिजिक्स विषय में अपनी अलग पहचान बनाई है। कानपुर यूनिवर्सिटी से...

राजनीतिज्ञ

पंडित संतोष चौधरी: समाज के लिए एक संघर्षी और सफल व्यवसायी

पंडित संतोष चौधरी का जन्म 25 दिसंबर, 1955 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पृथ्वीपुर ग्राम में हुआ। उनके पिता का नाम स्व०...

प्रशासनिक अधिकारी

जनता के साथ खड़े रहने वाले जिलाधिकारी इटावा शुभ्रांत कुमार शुक्ल(IAS)

शुभ्रांत कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1970 को उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में हुआ। प्रारम्भिक जीवन से ही वे अध्ययन में अत्यंत...

प्रमुख संस्थान

मयूर प्रेस इटावा, प्रिंटिंग सम्बन्धी कार्यों के लिए सबसे भरोसेमंद स्थान

मयूर प्रेस इटावा, प्रिंटिंग उद्योग में 35 वर्षों के अनुभव और उत्कृष्टता के साथ, इटावा के निवासियों के लिए उच्चतम गुणवत्ता की प्रिंटिंग सेवाएँ...

चिकित्सक

शुगर का स्थायी इलाज: कुछ ही महीनों में पाएं पूर्ण मुक्ति-डॉ ए. के. गुप्ता

शुगर, आजकल एक आम बीमारी बन गई है। इसके चलते लोगों को जिंदगी भर अंग्रेजी दवाओं और इन्सुलिन के सहारे जीना पड़ता है। लेकिन...

चर्चित व्यक्तिव

राजनीति, कर्मचारी आंदोलन और शिक्षा, हरि किशोर तिवारी की बहुआयामी पहचान

इंजीनियर हरि किशोर तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन, राजनीति और शिक्षा जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से...

पत्रकार

इटावा में उत्कृष्ट लेखनी के लिए जाने जाते हैं पत्रकार तनुज श्रीवास्तव

उत्कृष्ट लेखनी के चलते पत्रकारिता के क्षेत्र में सरल स्वभाव की पहचान रखने वाले तनुज श्रीवास्तव कस्बा भरथना के मुहल्ला बृजराज नगर के मूल...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

गौरैया की चहचहाहट में जीवन खोजती एक शिक्षिका : डॉ. सुनीता यादव

डॉ॰ सुनीता यादव का जन्म 21 जून 1976 को मैनपुरी जनपद के ग्राम अण्डनी, करहल में हुआ। पिता स्वर्गीय रामनारायण यादव, जो करहल के...

पूर्व अधिकारी

जनहित के संकल्प के साथ 35 वर्षों की शासकीय सेवा: जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह

जिला पंचायत राज अधिकारी इटावा, बनवारी सिंह का जन्म 05 फरवरी 1966 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद के बालनपुर गाँव में हुआ। ग्रामीण...