बकेवर:- जनता कॉलेज, बकेवर में संस्थागत नवाचार परिषद , रसायन विज्ञान विभाग एवं आर एंड डी सेल के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में “वार्षिक शोध संगोष्ठी/सिम्पोजियम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्यों, नवाचारों एवं प्रोजेक्ट्स को प्रस्तुत करने हेतु एक प्रभावी मंच प्रदान करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार पांडे ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता शोध एवं नवाचार पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि शोध गतिविधियाँ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की वैज्ञानिक सोच को विकसित करती हैं तथा समाजोपयोगी नवाचारों को बढ़ावा देती हैं। संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने अपने शोध पत्र एवं प्रोजेक्ट कार्य प्रस्तुत किए। जूलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ललित गुप्ता ने “विटेक्स निर्गुंडो और कैनाबिस सैटिवा के रोगाणुरोधी गुणों की जाँच” विषय पर आधारित अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने औषधीय पौधों के रोगाणुरोधी गुणों तथा उनके वैज्ञानिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।

रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं संयोजक डॉ. नवीन अवस्थी ने “विभिन्न तापमानों पर द्रव मिश्रणों के भौतिक-रासायनिक गुण” विषय पर आधारित अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि द्रव मिश्रणों के भौतिक एवं रासायनिक गुणों का अध्ययन औद्योगिक एवं वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रोजेक्ट कार्य के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित लगभग 10 शोध पत्रों की जानकारी प्रस्तुत की। हॉर्टिकल्चर विभाग के प्रो. अशोक कुमार पांडे ने फलों एवं सब्जियों के उचित भंडारण एवं प्रबंधन पर आधारित अपने प्रोजेक्ट कार्य को प्रस्तुत किया। उन्होंने आधुनिक भंडारण तकनीकों, प्रसंस्करण एवं कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कॉमर्स विभाग के श्री गोपीनाथ मौर्य ने “इटावा में ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति उपभोक्ता व्यवहार” विषय पर आधारित अपना शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। उन्होंने डिजिटल युग में उपभोक्ताओं की बदलती खरीदारी प्रवृत्तियों एवं ई-कॉमर्स के प्रभाव का विश्लेषण किया। गणित विभाग के डॉ. दिव्यांश पांडे ने “वित्तीय इष्टतम नियंत्रण समस्याओं के लिए सन्निकट विधि” विषय पर आधारित अपने शोध पत्र पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने गणितीय मॉडलिंग एवं वित्तीय समस्याओं के समाधान में सन्निकट विधियों की उपयोगिता को सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने शोध विषयों पर प्रश्न पूछे तथा विभिन्न शोध कार्यों पर विचार-विमर्श किया। संगोष्ठी में कुल 47 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में डॉ. मनोज यादव, लोकेंद्र प्रताप सिंह एवं सत्यम गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन अवस्थी ने । उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं प्राध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी शोध, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
