नई दिल्ली। सचिव (पेट्रोलियम) ने देशभर में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अपर मुख्य सचिवों तथा प्रधान सचिवों (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में ईंधन आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और संभावित चुनौतियों से निपटने पर विस्तार से चर्चा की गई।
सचिव (पेट्रोलियम) ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक पेट्रोलियम ईंधनों की आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बदलती परिस्थितियों में केंद्र के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के लिए राज्यों की सराहना भी की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं के लिए एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु राज्यों को वितरण व्यवस्था का सक्रिय प्रबंधन और प्राथमिकता निर्धारण करना होगा। साथ ही जमाखोरी, डायवर्जन और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी प्रकार की घबराहट की स्थिति उत्पन्न न हो।
अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों द्वारा की गई छापेमारी एवं प्रवर्तन कार्रवाइयों की सराहना की गई। अन्य राज्यों से भी निगरानी और प्रवर्तन को और मजबूत करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
प्रवासी श्रमिकों के लिए एफटीएल एलपीजी आपूर्ति को लेकर आई रिपोर्टों पर राज्यों ने स्पष्ट किया कि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और स्थिर है तथा किसी प्रकार की बाधा नहीं है। सचिव ने सुझाव दिया कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय कर 5 किलोग्राम एफटीएल एलपीजी सिलेंडरों का लक्षित वितरण किया जा सकता है।
ऑटो एलपीजी की मांग को लेकर बताया गया कि इसकी आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। साथ ही ऐसे वाहनों को, जो एलपीजी और पेट्रोल दोनों पर चल सकते हैं, पेट्रोल के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई।
बैठक के अंत में सचिव (पेट्रोलियम) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग की सराहना करते हुए आपूर्ति व्यवस्था की निरंतर निगरानी बनाए रखने और आम जनता का विश्वास कायम रखने का आह्वान किया।
