भरथना- स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जन्मे एक नवजात की 6 घण्टे के अन्दर सैफई चिकित्सालय में दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर प्रसव में लापरवाही करने, रुपये लेने और बिना चिकित्सक की निगरानी में डिलीवरी कराने के गंभीर आरोप लगाए। सोमवार सुबह परिजन नवजात का शव लेकर सीएचसी पहुंचे और जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया। उक्त सम्बन्ध में अधीक्षक ने जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है।
क्षेत्र के ग्राम चन्दपुरा (सिंहुआ) निवासी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 3 बजे प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी पत्नी ज्योति (25 वर्ष) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। उनका आरोप है कि प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने 3 हजार रुपये ले लिए। इसके अलावा अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से करीब एक दर्जन इंजेक्शन भी मंगवाए गए। प्रसव के दौरान कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और केवल तीन नर्सों ने ही डिलीवरी कराई। बच्चे के जन्म के बाद शुरुआत में स्टाफ ने नवजात को सामान्य बताया। लेकिन कुछ देर बाद उसकी हालत गंभीर होने की बात कहते हुए उसे सैफई पीजीआई रेफर कर दिया। शाम करीब 6 बजे नवजात को सैफई भेजा गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई।
उक्त सम्बन्ध में अधीक्षक डा0 सैफ ने बताया कि प्रसूता का प्रसव प्रशिक्षित एसबीए (स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट) स्टाफ द्वारा कराया गया था। उन्होंने कहा कि जन्म के समय नवजात की धड़कन चल रही थी, लेकिन वह रो नहीं रहा था। इसी वजह से उसे शाम करीब 6 बजे सैफई पीजीआई रेफर किया गया। वहां भर्ती करने के बाद रात करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि फिल्हाल घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी। परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
