विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC-14) गुरुवार को कैमरून की राजधानी याउंडे में औपचारिक सत्र के साथ प्रारंभ हुआ। इस सत्र की अध्यक्षता कैमरून के व्यापार मंत्री ने की, जिसमें डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक डॉ. न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला सहित सदस्य देशों के व्यापार मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने उद्घाटन सत्र में भाग लिया।
उद्घाटन सत्र के बाद 15 सितंबर 2025 को लागू हुए मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते के उपलक्ष्य में एक संक्षिप्त समारोह भी आयोजित किया गया। इसके पश्चात मंत्रियों ने डब्ल्यूटीओ के मूलभूत मुद्दों और सिद्धांतों पर गहन चर्चा की।
इस दौरान भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि डब्ल्यूटीओ में आवश्यक सुधार पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से किए जाने चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकास को केंद्र में रखते हुए संगठन के मूलभूत सिद्धांत—भेदभाव-रहित नीति, सर्वसम्मति-आधारित निर्णय प्रक्रिया और निष्पक्षता—को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन के पहले दिन पीयूष गोयल ने कैमरून के प्रधानमंत्री डायोन न्गूटे जोसेफ से मुलाकात की। इस दौरान भारत–कैमरून सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, उन्होंने डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक के साथ भी बैठक की, जिसमें MC-14 के एजेंडे पर विचार-विमर्श हुआ।
पीयूष गोयल ने नीदरलैंड, फ्रांस और इथियोपिया के अपने समकक्षों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कर व्यापार संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की।
वहीं, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी सम्मेलन के दौरान चिली, पराग्वे, अमेरिका, नेपाल, फिलीपींस, सऊदी अरब, यूरोपीय संसद, मेक्सिको, पेरू, रूस, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में MC-14 के एजेंडे के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।
चिली और पेरू के साथ भारत-चिली तथा भारत-पेरू मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं, यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ हाल ही में संपन्न भारत-ईयू और भारत-न्यूजीलैंड एफटीए वार्ताओं पर हस्ताक्षर की दिशा में हुई प्रगति पर चर्चा हुई।
