ताखा ब्लाक परिसर से सरकारी जीप को कथित रूप से अवैध तरीके से बेचने के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मामले के तूल पकड़ने और जांच की संभावना बढ़ने के बीच आरोप है कि दोषियों ने खुद को बचाने के लिए शुक्रवार शाम ब्लाक परिसर में एक दूसरी पुरानी गाड़ी का चेसिस और इंजन लाकर खड़ा कर दिया। चौकीदार की सतर्कता के चलते यह पूरा मामला उजागर हो गया और इसकी सूचना पुलिस सहित संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम ब्लाक परिसर में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। ब्लाक के चौकीदार देवराज ने बताया कि उस समय वह स्नान कर रहा था। इसी दौरान एक डीसीएम वाहन और एक जेसीबी मशीन ब्लाक परिसर में पहुंची। चौकीदार के परिवार के सदस्यों ने देखा कि जेसीबी की मदद से डीसीएम में लाए गए एक भारी-भरकम चेसिस और इंजन को जल्दबाजी में उतारा गया। जब तक देवराज बाहर आए, तब तक दोनों वाहन वहां से जा चुके थे।

देवराज के अनुसार संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए उन्होंने शुक्रवार रात ही खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद शनिवार सुबह उन्होंने ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ध्रुव यादव और बीडीओ प्रदीप कुमार को फोन पर घटना की जानकारी दी। साथ ही डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को भी सूचित किया।
चौकीदार ने दावा किया कि वर्तमान में ब्लाक परिसर में रखा गया चेसिस उस सरकारी जीप का नहीं है, जो पहले वहां खड़ी रहती थी। उन्होंने पुरानी सरकारी जीप की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि वह वाहन काफी पुराना और जंग लगा हुआ था तथा उसकी बॉडी का कुछ हिस्सा भी मौजूद था, जबकि अब परिसर में केवल चेसिस और इंजन रखा गया है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सरकारी जीप के गायब होने का मामला मीडिया और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद काफी चर्चित हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को जांच टीम के ब्लाक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जांच से बचने और रिकॉर्ड में वाहन की मौजूदगी दिखाने के उद्देश्य से किसी कबाड़ वाहन का चेसिस और इंजन लाकर परिसर में रख दिया गया है।
अब सबकी निगाहें संभावित जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच टीम ब्लाक परिसर में रखे गए इस ढांचे की वास्तविकता का पता लगा पाती है या नहीं।
इस संबंध में ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ध्रुव यादव ने बताया कि चौकीदार द्वारा उन्हें ब्लाक परिसर में दूसरा चेसिस पहुंचाए जाने की सूचना दी गई है। वहीं बीडीओ और स्थापना बाबू से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
