
इटावा। चैत्रीय नवरात्रि के उपलक्ष में घटिया करनपुरा स्थित नीलकंठ कालोनी में गजेंन्द्र सिंह गजक वाले के आवास पर आयोजित मंगल-मिलन सत्संग में देवी गीतों व भजनों ने अद्भुत समां बांधा। श्री गजेन्द्र सिंह के पुत्र कृष्णा ने सपत्नीक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडसोपचार किया किया। मंगल मिलन मण्डली द्वारा सुन्दरकाण्ड का क्रमिक पाठ के उपरान्त आचार्य देवेश अवस्थी ने श्रीराम कथा व आचार्य कमल किशोर बाजपेई ने भागवत कथा पर संक्षिप्त व्याख्यान दिया।

विद्वान मनीषियों ने बताया कि रुद्रावतार बजरंगबली रामायण काल में श्रीराम के दास्यभाव के भक्त रहे, देवीभागवत में भैरव के साथ बजरंगबली के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है, वही हनुमान जी महाभारत में अर्जुन के रथ के ध्वजा में विराजमान हुए, रम्यकवर्ष में कामावतार प्रद्युम्न द्वारा मारुत्यास्त्र का संधान करने पर मारुत्यास्त्र में बजरंगबली ने प्रकट होकर कलंक के साम्राज्य का अंत किया।

चिरजीवी हनुमान मंगल मिलन सत्संग सहित प्रत्येक हरिचर्चा में उपस्थित रहकर श्रद्धालुजों का कल्याण करते है। रमेश बाबा, विनय सक्सेना, विनोद राठौर सहित मंगल मिलन मंडली द्वारा देवी भजन एवं धार्मिक संकीर्तन प्रस्तुत किये गये। इस अवसर भारी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
