अटल पथ पर आमरण अनशन का ऐलान, शरद बाजपेयी ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नगर अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद में नेता प्रतिपक्ष एवं जिला उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल शरद बाजपेयी ने अटल पथ पर प्रस्तावित आमरण अनशन को लेकर जनता को संबोधित करते हुए प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही, बेशर्मी और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान के लिए वे 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे अटल पथ पर अटल जी के चरणों में आमरण अनशन पर बैठेंगे।

शरद बाजपेयी ने कहा कि वे लंबे समय से प्रशासन को प्रार्थना पत्र देते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन लापरवाही बरतते हुए चैन की नींद सो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन न केवल अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन है, बल्कि शासन को भी अटल जी की प्रतिमा से जुड़े तथ्यों की सही जानकारी नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि पहले अटल बिहारी वाजपेयी जी की हाथ जोड़कर बनाई गई प्रतिमा लगाई गई थी, जिसका विरोध करने पर प्रतिमा तो हटाई गई, लेकिन हाथ जोड़ने की मुद्रा हटाकर हाथों को छाती पर रख दिया गया, जो अटल जी की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने लगातार यह मांग की कि अटल जी की प्रतिमा को उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान के अनुरूप सावधान की मुद्रा में स्थापित किया जाए। इस संबंध में कई विभागों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और प्रतिमा अब भी कपड़े में लिपटी हुई है। शरद बाजपेयी ने यह भी बताया कि अटल जी की प्रसिद्ध कविता “हार नहीं मानूंगा” दीवार पर गलत लिखी गई थी, जिसे उनके विरोध के बाद ठीक कराया गया। इसके अलावा उन्होंने प्रतिमा के प्लेटफार्म की ऊंचाई कम होने, चौड़ाई अपर्याप्त होने, लाइटें, फव्वारे तथा प्रतिमा के ऊपर छत्र लगाए जाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया।

शरद बाजपेयी ने बताया कि उन्होंने 4 दिसंबर को इटावा जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि अटल जी की प्रतिमा को सावधान की मुद्रा में स्थापित कर उनकी अन्य मांगों को 20 दिसंबर तक पूरा किया जाए, ताकि 25 दिसंबर को अटल जी के जन्मदिवस पर प्रतिमा का अनावरण किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 20 दिसंबर तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो वे 21 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठेंगे।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यशैली शासन को बदनाम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में सभी को न्याय मिलता है, लेकिन प्रशासन द्वारा सही जानकारी न देने के कारण सरकार को गुमराह किया जा रहा है। अंत में शरद बाजपेयी ने इटावा की जनता से अपील करते हुए कहा कि 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे अटल पथ कचहरी पर वे अटल जी के सम्मान में आमरण अनशन पर बैठेंगे और जब तक प्रतिमा को सम्मानजनक रूप में स्थापित नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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