इमरान बेग – इस्लामिया इंटर कालेज में आज जश्ने मौलाए कायनात हज़रत अली का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मौला अली के चाहने वाले बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल तृप्ति और श्रद्धा से भरा हुआ था। मौलाना सैय्यद अमीनुल कादरी की तक़रीर सुनने के लिए जनसमूह उमड़ पड़ा और “हैदर-हैदर” और “नारे हैदरी या अली” की सदाओं से पंडाल गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना सैय्यद अमीनुल कादरी ने अपनी तक़रीर में कहा, “मौला अली काबे में पैदा हुए, इससे न सिर्फ मौला अली को बल्कि काबे को भी इज्जत मिली। जब मौला अली काबे में पैदा हुए तो तीन दिन तक उनकी आँखें नहीं खुली। जब रसूल अल्लाह आए और उन्होंने मौला अली को अपनी गोदी में लिया, तब उनकी आँखें खुली।” उन्होंने मौला अली की महानता और उनकी विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया।

कार्यक्रम के आयोजक हाजी अजीम वारसी, हाजी रईस अहमद चिश्ती, नदीम वारसी, वाईके शफी चिश्ती ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में मौलाना अनस रज़ा हाकमी उरई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन मशहूर शायर रौनक इटावी ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शहवाज अनवर कादरी ने तिलावते कुरान पाक से किया। कार्यक्रम में मौलाना जाहिद रज़ा कादरी, मौलाना अब्दुल वाजिद अशरफी, मौलाना मोहसिन बरकाती, मौलाना मो. फुरकान रज़ा, डॉ. सरफराज वारसी, हाफिज मो. अहमद अबकरी, मौलाना आजम अत्तारी, शायर साजिद रज़ा शमीमी सुल्तानपुरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की और अपनी तक़रीर और कलाम पेश कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
इस कार्यक्रम में हाजी गुड्डू मंसूरी, हाजी हन्नान मंसूरी, मुईनउद्दीन मंसूरी, गुड्डू वारसी, शमीम वारसी, मुन्ना वारसी, बिट्टू, कलामउद्दीन चिश्ती, अहमद अली वारसी, शकील वारसी, हाजी शेख़ शकील, शेख़ नवाब, अबरार कादरी राजू, अब्दुल हमीद अशरफी, निजामुद्दीन वारसी, कलीम वारसी, हसीन अंसारी चिश्ती, कासिम अशरफी, अजहर चिश्ती, कलीम अख्तर, सलमान वारसी, मुमताज चौधरी, शावेज़ नक़वी, तनवीर हसन, राहत हुसैन रिज़वी, आरिफ रिज़वी, अमान उल्ला, साजिद अली अशरफी, फ़ातिक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। यह कार्यक्रम मौला अली की शान में एक अद्भुत श्रद्धांजलि था, जिसमें धर्मप्रेमियों ने एकजुट होकर उनकी महानता और उनके योगदान को याद किया।
