यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े जिले के 150 स्कूलों में एक फरवरी से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इन परीक्षाओं में बाहरी परीक्षक परीक्षा ले रहे हैं और परीक्षा की निगरानी के लिए 21 मजिस्ट्रेट कॉलेजों का भ्रमण कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह प्रयोगात्मक परीक्षा, छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसमें संबंधित विषय के 30 फीसदी अंक दिए जाते हैं। छात्रों को इस दौरान प्रोजेक्ट और प्रयोगशाला में अपना हुनर दिखाना होता है। इन परीक्षाओं की सफलता से छात्रों के बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है। शिक्षा विभाग ने इस बार जिले को पहले चरण में शामिल किया है, जिसमें प्रयोगात्मक परीक्षा 1 फरवरी से शुरू होकर 8 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
सोमवार को सेक्टर मजिस्ट्रेट और बीडीओ महेवा, यदुवीर सिंह ने क्षेत्र के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कस्बा महेवा स्थित लोकमान्य रूरल इंटर कॉलेज में 12वीं के कृषि भाग दो की जंतु विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर उचित सुरक्षा उपायों के साथ परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।
