भरथना। नगर के इकलौते संचालित वृद्धाश्रम के संवासियों के चेहरे पर बीते दिन खुशी देखने को मिली, जब माननीय न्यायालय ने वृद्धाश्रम को बंद कराए जाने के निर्देश पर रोक लगाते हुए इसे विधिवत संचालित रखने के आदेश जारी किए। यह खुशखबरी मिलते ही आश्रम में मौजूद आधा सैकड़ा से अधिक वृद्धजन खुशी से झूम उठे।
वृद्धजनों से उनकी खुशी का कारण पूछने पर वर्षों से आश्रम में रह रहीं श्यामा गुप्ता, कमला यादव और विनोद पांडेय, रामनरेश भदौरिया आदि ने बताया कि पिछले कुछ समय से भरथना वृद्धाश्रम के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा षड्यंत्र रचा जा रहा था। उन्होंने शासन को झूठी सूचनाएं देकर आश्रम को बंद कराए जाने का प्रयास किया था। इसके चलते शासन ने वृद्धाश्रम बंद करने के निर्देश जारी कर दिए थे, जिससे आश्रम के संवासी बेहद दुखी हो गए थे। हालांकि, आश्रम का कोई भी वृद्ध संवासी इसे छोड़ने को तैयार नहीं था।
इस मामले की जानकारी जब आश्रम संचालित करने वाली संस्था हेल्पिंग यूथ फाउंडेशन, गोमती नगर, लखनऊ को मिली, तो संस्था ने वृद्धजनों की समस्या को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। माननीय न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए वृद्धाश्रम को बंद करने के सभी निर्देश खारिज कर दिए और इसे विधिवत संचालित रखने के आदेश जारी किए।
न्यायालय के इस फैसले से वृद्धाश्रम के संवासियों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई। श्यामा गुप्ता ने कहा, “यह आश्रम हमारा घर है। यहां हमें सुकून मिलता है। हम कहीं और नहीं जाना चाहते।” वहीं, कमला यादव ने कहा कि न्यायालय के फैसले ने उन्हें नई उम्मीद दी है।
हेल्पिंग यूथ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे वृद्धजनों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल वृद्धाश्रम के संवासियों के लिए, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले सभी लोगों के लिए एक बड़ी राहत है।
